सरकारी खरीद में पात्र हरियाणा-आधारित स्टार्टअप के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित, निवेश और बाजार विस्तार के लिए भी कई प्रोत्साहन
चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी-2022 के सप्लीमेंट को मंजूरी दी गई।
नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार अपनी सालाना सरकारी खरीद में पात्र हरियाणा-आधारित स्टार्टअप के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित करेगी। इससे स्टार्टअप को कारोबार शुरू करने के साथ-साथ सरकारी विभागों के रूप में संभावित ग्राहक भी मिल सकेंगे।
नीति में स्टार्टअप के लिए निवेश, बाजार, सरकारी खरीद और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। यदि किसी निजी या एंजल निवेशक ने किसी स्टार्टअप में 25 लाख रुपये का निवेश किया है तो सरकार भी 25 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट देगी।
इसी तरह, यदि कोई कॉरपोरेट कंपनी किसी स्टार्टअप के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू करती है और सफल होने के बाद उसे वास्तविक कॉन्ट्रैक्ट में बदलती है तो सरकार 10 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट देगी।
सरकारी खरीद में स्टार्टअप को मिलेगा अवसर
स्टार्टअप के सामने शुरुआती दौर में सबसे बड़ी चुनौती अपने पहले बड़े ग्राहक को हासिल करना होती है। सरकार ने इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए पात्र हरियाणा-आधारित स्टार्टअप को सरकारी विभागों की सालाना खरीद में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का अवसर देने का फैसला किया है।
इसके अलावा कॉरपोरेट सेक्टर को भी स्थानीय स्टार्टअप के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने और उसके कॉन्ट्रैक्ट में बदलने पर सरकार की ओर से 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
इस व्यवस्था के जरिए नीति का फोकस केवल नए स्टार्टअप शुरू करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें बाजार और कारोबार उपलब्ध कराने पर भी रहेगा।
महिला स्टार्टअप को विशेष पैकेज
महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज रखा गया है। इसके तहत महिला स्टार्टअप को एक साल तक लीज रेंट का 50 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक, वापस मिलेगा।
इसके साथ ही महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को सात साल तक नेट एचजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की सुविधा मिलेगी। इसकी अधिकतम सीमा फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट के 100 प्रतिशत तक रहेगी।
वहीं सामान्य स्टार्टअप के लिए नेट एचजीएसटी की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति सात साल तक जारी रहेगी।
सीड फंडिंग में भी मैचिंग ग्रांट
स्टार्टअप में शुरुआती पूंजी की कमी को दूर करने के लिए सीड फंड मैचिंग का प्रावधान किया गया है। निजी या एंजल निवेशक से 25 लाख रुपये जुटाने पर सरकार भी 25 लाख रुपये तक की मैचिंग ग्रांट दे सकेगी।
पांच साल तक क्लाउड खर्च में राहत
टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज के खर्च को भी नीति के दायरे में लाया गया है। हरियाणा आधारित स्टार्टअप भारत के किसी भी डेटा सेंटर पर किए गए ऐसे खर्च का 75 प्रतिशत, अधिकतम 2.5 लाख रुपये सालाना, पांच साल तक वापस ले सकेंगे।
इसके अलावा चंडीगढ़ में पंजीकृत स्टार्टअप को भी हरियाणा की स्टार्टअप नीति के तहत कैटेगरी-2 स्टार्टअप माना जाएगा। इससे ऐसे स्टार्टअप भी नीति के तहत उपलब्ध विभिन्न लाभ हासिल कर सकेंगे।
हरियाणा सरकार के इन फैसलों से महिला उद्यमिता, निजी निवेश, सरकारी खरीद, कॉरपोरेट साझेदारी और तकनीकी स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

