केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किया अभियान का शुभारंभ
25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य, किसानों से नकली कीटनाशकों से मुक्ति पाकर असली उत्पाद चुनने का आह्वान
गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश के साथ नकली और अवैध कीटनाशकों से किसानों को जागरूक करने के लिए क्रॉपलाइफ इंडिया ने डिजिटल जागरुकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान हरियाणा समेत 13 राज्यों के किसानों को सही जानकारी देकर असली और गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक चुनने के लिए सशक्त बनाएगा।
अभियान का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किया। अभियान का मूल संदेश ‘जागरूक किसान बनें, असली कीटनाशक चुनें’ रखा गया है।
यह पहल हरियाणा के अलावा बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में लागू की जाएगी। डिजिटल जागरुकता अभियान के माध्यम से 25 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के तहत हिंदी, तेलुगु, मराठी, तमिल और पंजाबी पांच भाषाओं में किसानों को जागरूक किया जाएगा। संदेशों के माध्यम से नकली कीटनाशकों की पहचान, असली उत्पाद चुनने के तरीके और कीटनाशकों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी।
किसानों को जागरूक करना जरूरी: रामनाथ ठाकुर
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने भारतीय कृषि को मजबूत करने में किसान जागरुकता और असली कृषि इनपुट की उपलब्धता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान भारत की कृषि प्रगति के केंद्र में हैं। उन्हें असली कृषि इनपुट की पहचान करना सिखाना फसलों की सुरक्षा, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नकली कीटनाशकों के खिलाफ लड़ाई में किसानों, निर्माताओं, डीलरों, वैज्ञानिकों, सरकारी एजेंसियों और अन्य सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयास की जरूरत है। किसानों को सही जानकारी मिलने से वे नकली उत्पादों से बचने और अपनी फसलों के लिए गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों का चयन करने में सक्षम होंगे।
सामूहिक प्रयास से ही नकली कीटनाशकों के खिलाफ लड़ाई संभव
इस अवसर पर क्रॉपलाइफ इंडिया के महासचिव दुर्गम चंद्र ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में किसानों को ज्ञान और सही जानकारी से सशक्त बनाना मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण की नींव है।
उन्होंने कहा कि नकली कीटनाशकों के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए किसानों सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को मिलकर प्रयास करना होगा। डिजिटल जागरुकता अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

