नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): PM MODI की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर बुधवार 23 सितंबर से शुरू हो गया है। बैठक 24 सितंबर तक चलेगी। इसका मुख्य फोकस ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को लेकर सरकार की योजनाओं, कामकाज और आगे की रणनीति पर चर्चा करना है।
मंत्रियों की प्रेजेंटेशन और अगले दिन रिव्यू
चिंतन शिविर में मंत्रियों और मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की जा रही है। पहले दिन विभिन्न विषयों पर प्रेजेंटेशन और चर्चा, जबकि दूसरे दिन समीक्षा और आगे की कार्ययोजना पर मंथन होना है।
मीडिया के मुताबिक, मंत्रियों के कामकाज के आकलन को लेकर एक्सीलेंट, गुड, एवरेज और पुअर जैसी श्रेणियों में मूल्यांकन किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, यह जानकारी रिपोर्टों और सूत्रों पर आधारित है।
इसी वजह से इस बैठक को संभावित कैबिनेट फेरबदल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक के आधार पर किस मंत्री को क्या जिम्मेदारी मिलेगी या फेरबदल होगा, इसकी आधिकारिक पुष्टि अलग से जरूरी होगी।
Gen Z से लेकर रोजगार तक कई मुद्दों पर चर्चा
चिंतन शिविर में सरकार के सामने मौजूद कई प्रमुख सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
Gen Z: मंत्रियों से युवाओं के साथ संवाद, उनके प्रमुख मुद्दों और सरकार के प्रति उनके रुख को समझने के लिए किए गए प्रयासों पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
UGC से जुड़े मुद्दे: युवा वर्ग और छात्रों के बीच उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों की स्थिति तथा सरकार की संभावित रणनीति पर भी चर्चा का विषय बताया गया है।
युवा और रोजगार: युवाओं की रोजगार संबंधी अपेक्षाओं, संतुष्टि और असंतुष्टि को समझने तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर भी मंथन होना है।
महिला आरक्षण का मुद्दा भी अहम
महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 अप्रैल में लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका था। मतदान में 298 सदस्य पक्ष में और 230 सदस्य विरोध में रहे।
इस विधेयक का उद्देश्य 2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम में किए गए एक-तिहाई महिला आरक्षण को जल्द लागू करने का रास्ता तैयार करना था। प्रस्तावित व्यवस्था में लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या को 850 तक बढ़ाने और परिसीमन से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव था।
अब इस मुद्दे पर आगे की रणनीति और राजनीतिक-संसदीय स्तर पर संभावित रास्तों को लेकर भी चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2047 तक विकसित भारत का रोडमैप
चिंतन शिविर का व्यापक विषय ‘विकसित भारत@2047’ है। PM MODI ने 15 अगस्त 2022 को लाल किले से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सामने रखा था।
सरकार की दीर्घकालिक रणनीति में मंत्रालयों, विभागों और नीति आयोग के काम को एक साथ देखते हुए विकास के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। जून 2026 में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक का विषय भी ‘2047 तक विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ रखा गया था।
2021 में भी हुआ था चिंतन शिविर
PM MODI सरकार में इससे पहले 2021 में भी मंत्रिपरिषद के साथ चिंतन सत्र आयोजित किए गए थे। नवंबर 2021 में सरकार ने 77 मंत्रियों को आठ समूहों में बांटा था। इन समूहों को शासन में तकनीक के इस्तेमाल, युवा पेशेवरों को जोड़ने, परियोजनाओं की निगरानी और मंत्रालयों के कामकाज में सुधार जैसे विषयों पर काम करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
2021 के चिंतन सत्रों में व्यक्तिगत दक्षता, केंद्रित कार्यान्वयन, मंत्रालय का कामकाज व हितधारक संवाद, पार्टी समन्वय व प्रभावी संचार और संसदीय प्रक्रियाओं जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।
इस बार का चिंतन शिविर विकसित भारत@2047 के लक्ष्य, वर्तमान शासन की समीक्षा और आगे की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
