BRICS Summit: नई दिल्ली घोषणा पत्र सर्वसम्मति से पारित
नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): 18वें BRICS Summit के दौरान शनिवार को नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना” विषय पर आयोजित पहले सत्र के समापन पर सभी देशों की सहमति के बाद इसकी घोषणा की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दो डाक टिकट भी जारी किए।
मोदी बोले- बदलती दुनिया को पुरानी संस्थाओं से नहीं चलाया जा सकता
समापन वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच पुरानी संस्थाओं के जरिए दुनिया का संचालन नहीं किया जा सकता। उन्होंने भविष्य की तकनीकों और उनसे जुड़े नियम तय करने की प्रक्रिया में ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी की जरूरत बताई।
वैश्विक संस्थाओं में तीन बड़े सुधार जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम बनाने की प्रक्रिया—तीनों स्तरों पर सुधार आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि फैसलों और उनके वास्तविक परिणामों के बीच की दूरी को साझेदारी और सामूहिक प्रयासों के जरिए कम करना होगा। मोदी के अनुसार, नई दिल्ली घोषणा पत्र BRICS Summit देशों की साझा प्रतिबद्धताओं को स्पष्ट दिशा देता है और अब इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलना सभी की जिम्मेदारी है।
घोषणा पत्र पर सहमति के लिए देर रात तक चली बातचीत
सूत्रों के अनुसार, भारत की BRICS Summit अध्यक्षता के दौरान सर्वसम्मति बनाने और संयुक्त बयान तैयार करने को लेकर लंबी बातचीत चली। वार्ताकारों ने शनिवार सुबह करीब 2:30 बजे तक ड्राफ्ट पर चर्चा की, जबकि बातचीत लगभग 5:45 बजे समाप्त हुई।
मोदी ने बैठक को बताया सार्थक और रचनात्मक
समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS Summit बैठक को सार्थक और रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विचारों के बावजूद सदस्य देशों के बीच साझा प्रतिबद्धता सामने आई है।
मोदी ने एक बार फिर वैश्विक संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल साउथ की बराबर भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत मंडपम में जारी है 18वां BRICS Summit
भारत की अध्यक्षता में 18वां BRICS Summit नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग, तकनीक और ग्लोबल साउथ से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

