BRICS Declaration: भारत को UNSC स्थायी सीट का समर्थन

BRICS Declaration: भारत को UNSC स्थायी सीट का समर्थन

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शनिवार को 140 बिंदुओं वाला नई दिल्ली में BRICS Declaration पत्र जारी किया गया। इसमें वैश्विक संस्थाओं में व्यापक सुधार, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अधिक संतुलित प्रतिनिधित्व और विकासशील देशों की भूमिका मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

BRICS Declaration पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील को स्थायी सदस्यता देने का समर्थन किया गया। वीटो अधिकार रखने वाले चीन और रूस ने भी दोनों देशों की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है।

UNSC में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

BRICS Declaration में नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता दोहराते हुए अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की वकालत की।

BRICS Declaration पत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन की प्रक्रिया में भी अधिक संतुलित क्षेत्रीय और लैंगिक प्रतिनिधित्व की जरूरत बताई गई। इसमें कहा गया कि अभी तक कोई महिला संयुक्त राष्ट्र महासचिव नहीं बनी है।

पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा

BRICS देशों ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की विशेष रूप से निंदा की। नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति दोहराते हुए सीमा पार आतंकवाद, आतंकवादियों की आवाजाही, उनके वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया।

घोषणा पत्र में कहा गया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों को भी खारिज किया गया।

एकतरफा प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग

BRICS देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत लगाए जाने वाले एकतरफा दंडात्मक और आर्थिक प्रतिबंधों पर आपत्ति जताई। नेताओं के अनुसार ऐसे कदमों का असर आम लोगों के मानवाधिकार, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और विकास पर पड़ता है।

BRICS Declaration पत्र में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बिना लगाए गए ऐसे प्रतिबंधों सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध सभी एकतरफा दंडात्मक उपायों को समाप्त करने की मांग की गई।

व्यापार और स्थानीय मुद्राओं में भुगतान पर जोर

वैश्विक व्यापार व्यवस्था को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की जरूरत बताई गई। BRICS नेताओं ने गैर-टैरिफ बाधाओं और भेदभावपूर्ण कार्बन शुल्कों को लेकर चिंता जताई।

बैठक में सीमा पार भुगतान प्रणाली, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और BRICS भुगतान कार्यबल की प्रगति पर भी चर्चा हुई। वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए BRICS ग्रेन एक्सचेंज स्थापित करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया गया।

नए विकास बैंक की भूमिका की सराहना

BRICS नेताओं ने नए विकास बैंक के काम की सराहना करते हुए बुनियादी ढांचे और सतत विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने पर जोर दिया।

संवाद और कूटनीति से विवाद सुलझाने पर जोर

अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान के लिए BRICS ने संवाद, निवारक कूटनीति और मध्यस्थता को अहम माध्यम बताया। संबंधित पक्षों की सहमति के आधार पर संघर्षों की रोकथाम और शांति प्रक्रिया में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई गई।

महिलाओं की शांति और सुरक्षा में भागीदारी को लेकर UN Security Council Resolution 1325 और उसके बाद के प्रस्तावों को लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता

BRICS देशों ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के साथ देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया गया।

वैश्विक व्यापार, आपूर्ति शृंखलाओं और ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।

AI और महत्वपूर्ण खनिजों पर नई पहल

तकनीक के क्षेत्र में BRICS नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक शासन से जुड़े बयान का समर्थन किया। इसमें ग्लोबल साउथ के लिए AI तक समान पहुंच, ऊर्जा दक्षता और भरोसेमंद AI प्रणालियों पर जोर दिया गया।

ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में बदलाव के साथ मौजूदा समय में जीवाश्म ईंधन की जरूरत को भी स्वीकार किया गया। महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई।

अंतरिक्ष और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग

अंतरिक्ष सहयोग के तहत BRICS Remote Sensing Satellite Constellation और अंतरिक्ष मलबे को कम करने की व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। घोषणा पत्र में यूरी गागरिन की अंतरिक्ष उड़ान की आगामी 65वीं वर्षगांठ का भी उल्लेख किया गया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘स्वस्थ जीवनशैली के लिए BRICS मिशन (2026-2029)’ शुरू करने की घोषणा की गई। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के निमहांस के समन्वय से उत्कृष्टता केंद्रों का नेटवर्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया।BRICS Declaration

ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने पर जोर

घोषणा पत्र में BRICS देशों के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ाने और वैश्विक व्यवस्था में स्थिरता लाने की जरूरत बताई गई।

नेताओं ने कहा कि BRICS को गुटीय राजनीति का हिस्सा बनने के बजाय बहुपक्षीय सहयोग, वैश्विक संस्थाओं की कमियों को दूर करने और विकासशील देशों की आवाज को प्रभावी बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

2027 में चीन संभालेगा BRICS की अध्यक्षता

चीन 2027 में BRICS की अध्यक्षता संभालेगा। वह 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

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