Haryana Australia Partnership: शिक्षा, स्किल और इनोवेशन में सहयोग पर जोर,
चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया के बीच विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने को लेकर बुधवार को चंडीगढ़ में अहम बैठक हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया।
बैठक में शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, कृषि, ग्रीन एनर्जी, खेल, पर्यटन और निवेश सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही हरियाणा के युवाओं को वैश्विक स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
युवाओं और विद्यार्थियों तक पहुंचे साझेदारी का लाभ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंध अब एक मजबूत और व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रूप ले चुके हैं। व्यापार के साथ-साथ शिक्षा, तकनीक, इनोवेशन, कौशल विकास और लोगों के बीच संपर्क भी लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी मजबूत रिश्ते का लाभ हरियाणा के युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों, उद्यमियों और उद्योगों तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा, रिसर्च, स्किल और नई तकनीकों में सहयोग के जरिए प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी जा सकती है।
यूनिवर्सिटी और रिसर्च संस्थानों के बीच साझेदारी पर जोर
बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश को बढ़ाने तथा बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार किया।
हरियाणा की यूनिवर्सिटीज और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं रिसर्च संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने को विशेष महत्व दिया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, कृषि, इंजीनियरिंग, क्लीन एनर्जी और पब्लिक पॉलिसी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इसके अलावा स्टूडेंट और फैकल्टी एक्सचेंज तथा संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं को भी बैठक में रखा गया।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इनोवेशन हब बनाने पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और रिसर्च का लगातार विस्तार हो रहा है। ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के अनुभव एवं विशेषज्ञता का उपयोग प्रदेश में इनोवेशन, रिसर्च और इंडस्ट्री-एकेडमिया पार्टनरशिप को और मजबूत करने में किया जा सकता है।
उन्होंने हरियाणा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रिसर्च एवं इनोवेशन हब और नई तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने में ऑस्ट्रेलिया के सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
दोनों पक्षों ने उद्योगों की जरूरत के मुताबिक स्किल ट्रेनिंग, आधुनिक पाठ्यक्रम, अंग्रेजी भाषा प्रशिक्षण, प्रमाणन और रोजगार आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
ऑस्ट्रेलिया में रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण पर चर्चा
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के युवाओं के लिए वहां उपलब्ध रोजगार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट में सहयोग की संभावनाएं भी साझा कीं।
इनमें हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स और आईटी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर एनर्जी, बैटरी स्टोरेज, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट-टू-एनर्जी और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भी हरियाणा और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया।



