Coal Gasification Scheme: 37,500 करोड़ की योजना
नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): केंद्र सरकार की 37,500 करोड़ रुपये की सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण प्रोत्साहन योजना के पहले दौर में कुल सात आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये आवेदन प्रमुख उद्योगों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की ओर से जमा किए गए हैं। इनमें तीन आवेदन अडाणी एंटरप्राइजेज की ओर से आए हैं।
अडाणी एंटरप्राइजेज समेत इन कंपनियों ने किए आवेदन
कोयला मंत्रालय के अनुसार, अडाणी एंटरप्राइजेज, गैलेंट इस्पात, एनटीपीसी, श्याम सेल एंड पावर और तालचर फर्टिलाइजर्स ने योजना के तहत आवेदन जमा किए हैं।
इन प्रस्तावों में यूरिया, डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI), सिनगैस और सिंथेटिक नेचुरल गैस से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
अडाणी एंटरप्राइजेज ने यूरिया परियोजनाओं के लिए तीन अलग-अलग आवेदन किए हैं। वहीं, गैलेंट इस्पात ने डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन और सिनगैस परियोजना के लिए आवेदन जमा किया है।
किस कंपनी ने किस परियोजना के लिए दिया प्रस्ताव
एनपीसी ने सिंथेटिक नेचुरल गैस परियोजना का प्रस्ताव दिया है। श्याम सेल एंड पावर ने सिनगैस परियोजना के लिए आवेदन किया है, जबकि तालचर फर्टिलाइजर्स की ओर से यूरिया परियोजना के लिए प्रस्ताव दिया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक, प्राप्त आवेदनों से घरेलू कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिशों को मजबूती मिली है। मंत्रालय ने इसे योजना और देश के कोयला गैसीकरण मिशन में उद्योग जगत के विश्वास का संकेत बताया है।
आवेदनों का होगा विस्तृत मूल्यांकन
कोयला मंत्रालय ने कहा कि पहले दौर में प्राप्त आवेदनों का अब योजना के दिशा-निर्देशों और निविदा प्रस्ताव (RFP) के अनुसार विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, बाजार की प्रतिक्रिया से योजना में भागीदारी को लेकर स्पष्ट संकेत मिले हैं।
8 सितंबर से योजना का दूसरा चरण शुरू
कोयला मंत्रालय ने 8 सितंबर से योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की है। निविदा के अनुसार आवेदन प्रक्रिया दो-दो महीने के अंतराल पर जारी रहेगी।
इस व्यवस्था से पात्र संस्थाओं को योजना में नियमित रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा। मंत्रालय के अनुसार, कई संभावित आवेदक फिलहाल अपनी परियोजनाओं की तैयारी के उन्नत चरण में हैं और आगामी चरणों में अपने प्रस्ताव जमा कर सकते हैं।

