पलवल, वायरल सच (ब्यूरो) : पलवल के नागरिक अस्पताल में पिछले आठ वर्षों से संचालित भारत विकास परिषद की अन्नपूर्णा रसोई ने सेवा की मिसाल कायम की है। 19 जून 2017 से यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को साफ-सुथरा, ताज़ा और पौष्टिक भोजन निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। यह पहल अब अन्नपूर्णा रसोई पलवल अस्पताल के नाम से जानी जाती है, जिसने हजारों लोगों की भूख मिटाई और आशा की किरण दी।
अन्नपूर्णा रसोई पलवल अस्पताल का स्थापना समारोह
गुरुवार को अस्पताल परिसर में अन्नपूर्णा रसोई के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक हवन-यज्ञ से हुई, जिसमें उपस्थित गणमान्यजनों ने आहुतियाँ अर्पित कर मानवता की सेवा और रोगमुक्ति के लिए प्रार्थना की।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे:
- डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, जिला उपायुक्त
- डॉ. जय भगवान जाटान, सिविल सर्जन
- दीपक मंगला, पूर्व विधायक
- भारत विकास परिषद और कई सामाजिक संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
उन सभी ने अन्नपूर्णा रसोई के समर्पण और निरंतर सेवा की सराहना की और इसे समाज में प्रेरणा का स्रोत बताया।
अन्नपूर्णा रसोई पलवल अस्पताल की 8 वर्षों की सेवा यात्रा
- शुरुआत: अन्नपूर्णा रसोई की शुरुआत 19 जून 2017 को हुई थी।
- उद्देश्य: अस्पताल में इलाजरत मरीजों और उनके परिजनों को भोजन की चिंता से मुक्त करके इलाज पर ध्यान केंद्रित करना।
- प्रभाव: बीते 8 वर्षों में अन्नपूर्णा रसोई ने हजारों लोगों को ताज़ा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया है।
- सेवा का प्रतीक: आज यह रसोई केवल भोजन प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि एक जनसेवा और मानवता का प्रतीक बन चुकी है।
10 थाली योजना की वापसी की मांग
समारोह के दौरान परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया है कि अस्पताल परिसर में पहले की तरह संचालित की गई 10 थाली योजना को पुनः अन्नपूर्णा रसोई को सौंपा जाए।
इस पर उपायुक्त डॉ. वशिष्ठ ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि यदि नियमों के तहत संभव हुआ, तो प्रशासन पूरे सहयोग के साथ यह जिम्मेदारी परिषद को सौंप सकता है।
सम्मान, स्मृति चिन्ह और समापन
कार्यक्रम में उपस्थित इन गणमान्यों एवं परिषद सदस्यों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन भोजन वितरण के साथ हुआ, जहां अन्नपूर्णा रसोई ने विशेष पौष्टिक भोजन मरीजों और उनके परिजनों को निःशुल्क परोसा।
इस सेवा के प्रति समाज में गहरी आस्था बनी रहे, यही सभी की साझा कामना रही।
योगदान करने वालों की सूची
- विनम्र प्रयास पर RS S जिलाध्यक्ष और अन्य विभाग प्रमुख उपस्थित
- परिषद के कार्यकर्ता: विमल कुमार, त्रिलोक, जगतवत्त, सतीश कौशिश, रविशंकर शर्मा, अनिल मोहन मंगला, स्वतंत्र गोयल, भूषण गोयल, राहुल गर्ग, विकास मित्तल, अल्पना मित्तल, पुनीत भारद्वाज, सुंदरी देवी आदि शामिल रहे।
समाज और स्वास्थ्य के लिए महत्व
- भोजन-सुरक्षा: बाहर से लाने की ज़रूरत से बचाता है।
- तुरंत स्वस्थ्य: पौष्टिक भोजन से इलाज की गति तेज होती है।
- मानसिक समर्थन: मरीजों को मनोबल मिलता है कि उन्हें अस्पताल में भी साथ मिला।
- पारिवारिक राहत: परिजनों को आर्थिक परेशानी से बचाता है।
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