नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को AI-संचालित ‘डस्ट पोर्टल 2.0’ (Dust Pollution Control Self-Assessment Web Portal एवं Mobile Application) का शुभारंभ किया। यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) द्वारा विकसित किया गया है, जो निर्माण एवं विध्वंस स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की लाइव निगरानी करेगा।
नए पोर्टल की सहायता से निर्माण एजेंसियां स्वयं अपना मूल्यांकन कर सकेंगी, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से नियमों के पालन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा आधारित एनफोर्समेंट सुनिश्चित किया जाएगा। लॉन्च कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पोर्टल का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण से लड़ाई केवल सख्त नियमों से नहीं, बल्कि स्मार्ट और आधुनिक तकनीक से भी लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि Dust Portal 2.0 निगरानी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाएगा। भविष्य में नोटिस और चालान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सड़क, मिट्टी और निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल दिल्ली के वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है। गर्मियों में कुल प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी लगभग 27 प्रतिशत, जबकि सर्दियों में 15 प्रतिशत तक रहती है। वहीं PM-10 उत्सर्जन में 66 प्रतिशत और PM-2.5 उत्सर्जन में लगभग 38 प्रतिशत योगदान धूल का होता है।
डस्ट पोर्टल 2.0 की प्रमुख विशेषताएं
- AI आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग
- GIS मैपिंग सिस्टम
- 360 डिग्री PTZ कैमरे
- PM-10 एवं PM-2.5 सेंसर
- रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स
- येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट सिस्टम
- निर्माण स्थलों का स्वचालित मूल्यांकन
- निकटतम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (AQMS) से डेटा विश्लेषण
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 500 वर्ग गज या उससे बड़े सभी निर्माण स्थलों की अब AI आधारित निगरानी की जाएगी। पहले यह प्रक्रिया मुख्य रूप से मैनुअल निरीक्षण पर आधारित थी, लेकिन अब 360 डिग्री कैमरे, सेंसर, GIS और AI तकनीक की मदद से नियमों के उल्लंघन पर तुरंत अलर्ट जारी होंगे और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार का मानना है कि Dust Portal 2.0 राजधानी में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने, निर्माण गतिविधियों की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करने और स्वच्छ एवं प्रदूषण-मुक्त दिल्ली के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।