फरीदाबाद, वायरल सच (ब्यूरो) : हरियाणा सरकार ने शहरी ठोस कचरे से ग्रीन कोल (Green Coal) निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। फरीदाबाद और गुरुग्राम में जल्द ही ऐसे मॉडल प्लांट स्थापित होंगे जो रोजाना हजारों टन कचरे को पर्यावरण-हितैषी कोयले में बदल देंगे।
ग्रीन कोल परियोजना का उदय और प्रतिबद्धता
शनिवार को मंत्री विपुल गोयल ने वाराणसी में एनटीपीसी के ग्रीन कोल प्लांट का दौरा किया और वहां की प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से देखी।
पिछली वर्ष 20 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में एनटीपीसी के साथ एक समझौता हुआ था, जिसके तहत गुरुग्राम व फरीदाबाद में ऐसे प्लांट बनाए जाने हैं।
इस समझौते के बाद प्लांट स्थापना प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है।
प्रौद्योगिकी: कैसे होता है ग्रीन कोल उत्पादन
- एनटीपीसी की वैज्ञानिक प्रक्रिया में शहरी कचरे को उच्च ताप और नियंत्रित मौसमी में प्रोसेस करके कोयले जैसा ईंधन तैयार किया जाता है।
- वाराणसी का प्लांट प्रतिदिन 600 टन कचरे से 200 टन ग्रीन कोल तैयार करता है।
- फरीदाबाद में प्रतिदिन 600–700 टन, और गुरुग्राम में 1000–1200 टन कचरा निकलता है; दोनों शहरों में मिलकर प्रतिदिन लगभग 400–500 टन ग्रीन कोल का उत्पादन संभव होगा।
लाभ: पर्यावरण, आर्थिकता और विकास
- कचरा प्रबंधन में सुधार: शहरों से बड़े कचरा ढेरों का अंत होगा और जगह खाली होगी।
- ऊर्जा स्रोत: पारंपरिक कोयले का पर्यावरण-हितैषी विकल्प तैयार होगा, इससे बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
- स्थानीय विकास: खाली जमीन पर पार्क, सड़क, शिक्षा संस्थान जैसे दीर्घकालिक विकास कार्य संभव होंगे।
- स्वच्छता और स्वास्थ: अधिक कचरा न रहने से संक्रमण, बदबू व रोगजनक की समस्या में कमी आएगी।
प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी
इस दौरे में शामिल थे:
- विकास गुप्ता IAS (शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव)
- धीरेंद्र (फरीदाबाद नगर निगम आयुक्त)
- कंवर सिंह HCS (संयुक्त सचिव)
- सौरभ ढल (OSD)
सभी अधिकारियों ने संयंत्र की प्रक्रियात्मक कार्यशैली और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का गहराई से निरीक्षण किया।
क्या यह पहल देश के लिए मिसाल होगी?
- हरियाणा राज्य की इस पहल को शहरी कचरा प्रबंधन और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में सशक्त उन्नति के रूप में देखा जा रहा है।
- यह मॉडल यदि सफल हुआ, तो पूरे देश में ग्रीन कोल प्लांट्स की स्थापना की राह खोल सकता है।
- न केवल स्वच्छता होगी, बल्कि नवप्रवर्तन (Innovation) और स्थिरता की दृष्टि से यह एक प्रेरणादायी कदम साबित होगा।
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