वॉशिंगटन, वायरल सच (ब्यूरो) : हाल ही में इज़राइल और ईरान के बीच लगभग 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद एक सीज़फायर लागू हो गया है। लेकिन इस संघर्ष का टर्निंग पॉइंट तब आया जब अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की, जिसने युद्ध का समीकरण बदल दिया।
अब इस मिशन पर चर्चा तब हुई जब एक अमेरिकी पायलट बयान में बोला — “पहली बार देखा ऐसा नज़ारा।”
बंकर‑बस्टर बम ने मचाई तबाही
अमेरिकी एयरफोर्स द्वारा ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ नामक गोपनीय अभियान में नेवादा से उड़ी बी‑2 बॉम्बर एयरक्राफ्ट ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों— फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान—पर बंकर‑बस्टर बम गिराए। यह बम खास तौर पर ज़मीन के भीतर बनाए गए मजबूत बंकरों को तोड़कर तबाही मचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ये ठिकाने पूरी तरह से तबाह हो गए, जबकि ईरान ने इसका खंडन किया।
“पहली बार देखा ऐसा नज़ारा” — अमेरिकी पायलट बयान
ऑपरेशन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्वाइंट चीफ़्स ऑफ़ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने एक अमेरिकी पायलट बयान पढ़ा। उस पायलट ने कहा:
“मैंने फोर्डो पर बम गिराने के बाद एक इतनी तेज़ और चमकदार रोशनी का विस्फोट देखा, जो मैंने पहले कभी नहीं देखा। यह पल जिंदगी भर याद रहेगा।”
इस बयान से मिशन की विस्फोटक शक्ति और उसकी गहराई का आभास मिलता है।
अमेरिका-ईरान की विवादास्पद दलीलें
- अमेरिकी दावे: तीनों परमाणु ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए।
- ईरानी दावे: “हाँ, नुकसान हुआ है, लेकिन ठिकानों का निर्माण नहीं हिला।”
इस तरह दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज है, लेकिन अमेरिकी पायलट का बयान उस बम की ताकत को वास्तविक रूप में उजागर करता है।
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की रणनीति और परिणाम
- मिशन को अंडर-रडार रखा गया, बी-2 बॉम्बर ने सबसे गुप्त रास्ते से हमला किया।
- अमेरिका ने बड़ा रणनीतिक बदलाव करते हुए सीधे ईरान के भीतर जाकर बम गिराए।
- इससे निश्चित रूप से ईरान की परमाणु कार्यशक्ति कमजोर हुई होगी, जिससे क्षेत्र में अमेरिकी ताकत भी उजागर होती दिखती है।
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