नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): संसद मार्च के दौरान सोमवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारी संसद भवन के करीब पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने संसद परिसर के पास आंसू गैस के गोले दागे और संसद के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। मुख्य प्रवेश द्वार को भी एहतियातन बंद रखा गया।
प्रदर्शन के दौरान कई लोग राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गए, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया।
इसी बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक को जल्द जंतर-मंतर नहीं भेजा गया, तो वे स्वयं संसद मार्च के लिए निकलेंगे।
सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी भूख हड़ताल का 23वां दिन चल रहा है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने के लिए डिस्चार्ज करने का अनुरोध किया है।
वहीं, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करने पहुंचे हैं। इससे पहले सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज में कई लोगों के घायल होने और सिर फूटने का आरोप लगाया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
फिलहाल संसद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
