वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IMF के उप-प्रबंध निदेशक से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर की चर्चा
नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के उप-प्रबंध निदेशक नाइजेल क्लार्क से मुलाकात की। नई दिल्ली में हुई इस बैठक में भारत-आईएमएफ संबंधों, द्विपक्षीय सहयोग तथा भारतीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भारत-IMF सहयोग को मजबूत करने पर जोर
भारत दौरे पर आए नाइजेल क्लार्क के साथ बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और IMF के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इस दौरान दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता केंद्र (SARTTAC) को समर्थन देने में भारत की भूमिका की सराहना की गई।
बैठक में दोनों नेताओं ने मैक्रो-इकोनॉमिक सहयोग को मजबूत करने, बेहतर नीतियों को समर्थन देने और क्षेत्रीय एवं वैश्विक आर्थिक मजबूती में योगदान के लिए भारत-IMF के बीच निरंतर संवाद और सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
भारत की विकास दर और वैश्विक आर्थिक बदलावों पर चर्चा
निर्मला सीतारमण और नाइजेल क्लार्क ने भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था के भविष्य के परिदृश्य पर भी विचार साझा किए। चर्चा में भारत की बदलती विकास दर और वैश्विक आर्थिक माहौल में हो रहे बदलावों के प्रभाव को शामिल किया गया।
इस दौरान भारत के व्यापार एजेंडे, हाल में हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौतों और वैश्विक व्यापार प्रणाली में हो रहे घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई।
भारत के आर्थिक प्रदर्शन की क्लार्क ने की सराहना
नाइजेल क्लार्क ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत के आर्थिक प्रदर्शन, मजबूती और विकास के ट्रैक रिकॉर्ड की सराहना की। उन्होंने फिस्कल कंसोलिडेशन (राजकोषीय मजबूती) की दिशा में भारत सरकार के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
इसके अलावा, पश्चिम एशियाई संकट के बाद सरकार की ओर से उठाए गए समर्थनकारी कदमों के लिए भी भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की गई।



