भारत-बेल्जियम की बड़ी डील: 5 साल में दोगुना होगा व्यापार, रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): भारत और बेल्जियम ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग के 10 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर सहमति बनी। इनमें रक्षा सहयोग और रक्षा उत्पादन को विशेष महत्व दिया गया है।

दोनों देशों के बीच यूरोपीय रक्षा सप्लाई चेन के तहत अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता हासिल करने, भारत में रक्षा उत्पादन एवं तकनीकी विकास को बढ़ावा देने, सह-निर्माण और रक्षा नवाचार में निवेश को प्रोत्साहित करने से संबंधित समझौता हुआ है।

रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बेल्जियम सुरक्षा और रक्षा उद्योग संघ (BDSI) तथा भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी (SIDM) के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा निकट भविष्य में ब्रुसेल्स स्थित भारतीय दूतावास में एक रेजिडेंट डिफेंस अटैची की नियुक्ति की दिशा में भी समझौता हुआ है।

दोनों देशों ने निवेश को गति देने के लिए एक विशेष तंत्र विकसित करने पर सहमति जताई है। इससे भारत में बेल्जियम के निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दोनों देश अपने बिजनेस फोरम को भी संस्थागत रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे, जिससे भारतीय और बेल्जियम के कारोबारी यूरोपीय बाजार में नए अवसर तलाश सकेंगे।

छात्रों और कारोबारियों की आवाजाही होगी आसान

भारत और बेल्जियम के बीच काउंसलर डायलॉग स्थापित करने पर भी सहमति बनी है। इसका उद्देश्य छात्रों, पेशेवरों, यात्रियों और व्यापारियों की आवाजाही को आसान बनाना है।

इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता किया गया है। संगठित अपराध, अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध और अन्य आपराधिक मामलों से निपटने के लिए भारत की सीबीआई और बेल्जियम की संघीय पुलिस के बीच सहयोग को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

दोनों देशों के बीच राजनीतिक प्रशिक्षण से जुड़े सहयोग पर भी सहमति बनी है।

प्रधानमंत्री डी वेवर की पहली भारत यात्रा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। फरवरी 2025 में पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। उनके साथ बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन के अलावा वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारिक नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।

यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री डी वेवर ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ की। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पहले सीमित प्रारूप और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-बेल्जियम संबंधों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में दोपहर के भोजन का भी आयोजन किया।

UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन

वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में बेल्जियम ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार के बाद स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी के समर्थन को दोहराया।

दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी का भी समर्थन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बेल्जियम के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को भारत की नई शिक्षा नीति के तहत देश में अपने कैंपस स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ बेल्जियम

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने सीमा-पार आतंकवाद समेत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकवादी हमले की फिर से निंदा की।

उन्होंने बदलते आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आतंकवाद-रोधी मामलों पर भारत-बेल्जियम संयुक्त कार्य समूह स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने की इच्छा जताई।

सेमीकंडक्टर से परमाणु ऊर्जा तक सहयोग

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के विस्तार और विविधता पर संतोष व्यक्त किया। वार्ता में सेमीकंडक्टर, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा औद्योगिक सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों के शोधन एवं रीसाइक्लिंग, टिकाऊ उद्योग और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का स्वागत किया गया।

निजी क्षेत्र के हितधारकों के साथ मिलकर नए कारोबारी अवसर तलाशने पर भी जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने बेल्जियम के सॉवरेन वेल्थ फंड, फेडरल होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी और भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के बीच चल रही बातचीत का स्वागत किया।

दोनों पक्षों ने इंडो-बेल्जियन आर्थिक एवं निवेश कॉरिडोर स्थापित करने की दिशा में इस सहयोग को औपचारिक रूप देने की उम्मीद जताई।

यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर भी हुई चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री डी वेवर ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया समेत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। यूक्रेन में जारी युद्ध के संदर्भ में दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुरूप बातचीत और कूटनीति के जरिए व्यापक, न्यायपूर्ण एवं स्थायी शांति के प्रयासों के समर्थन को दोहराया।

पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने चुनौतियों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। साथ ही समुद्री मार्गों की सुरक्षा और निर्बाध समुद्री परिवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई।

यात्रा के अंत में प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुविधानुसार बेल्जियम की द्विपक्षीय यात्रा करने का निमंत्रण दिया।

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