Gurugram Women Safety पर जागरूकता कार्यक्रम
गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): राजकीय कन्या महाविद्यालय सेक्टर-14 में महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाव और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) और विधिक साक्षरता प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 विषय पर विस्तार व्याख्यान के साथ स्लोगन लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं कराई गईं।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्या डॉ. इंदु राव के नेतृत्व में किया गया, जबकि उप-प्राचार्या सुनीता ढाका का मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और कॉलेज स्टाफ को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और सुरक्षित वातावरण से जुड़े पहलुओं के बारे में जानकारी देना था।
POSH Act के प्रावधानों की दी जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अधिवक्ता सीमा तोमर ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित POSH Act 2013 के विभिन्न प्रावधानों को विस्तार से समझाया। उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध कानूनी अधिकारों, उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायत के निवारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने प्रतिभागियों को कानून के तहत शिकायत प्रक्रिया और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में वे उपलब्ध कानूनी व्यवस्था को समझ सकें।
पूनम हुड्डा ने सुरक्षा और जागरूकता पर दिया जोर
कार्यक्रम की विशेष अतिथि सेक्टर-40 पुलिस थाना प्रभारी पूनम हुड्डा रहीं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ कानूनी जागरूकता को जरूरी बताया। उन्होंने महिलाओं को उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय निडर होकर अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
पूनम हुड्डा ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े विषयों को लेकर छात्राओं को जागरूक किया गया।
मंच का संचालन रुपाली ने किया।
स्लोगन और पोस्टर प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई रचनात्मकता
जागरूकता कार्यक्रम के साथ छात्राओं के लिए स्लोगन लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें लैंगिक समानता और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी गई।
प्रतियोगिता के लिए “लैंगिक समानता: एक अधिकार, कोई विकल्प नहीं”, “चुप्पी तोड़ें, यौन उत्पीड़न रोकें” और “समानता की शुरुआत सम्मान से होती है” जैसे विषय रखे गए।
छात्राओं ने इन विषयों पर अपनी रचनात्मकता के माध्यम से लैंगिक समानता, सम्मान और सुरक्षा का संदेश प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता का संचालन अनामिका, कीमती और चित्रा ने किया।
विषय-वस्तु और संदेश के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता में प्रस्तुत स्लोगन और पोस्टर का मूल्यांकन शालिनी, निशा और सीमा चौधरी के निर्णायक मंडल ने किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को विषय-वस्तु, मौलिकता और संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर परखा।
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
आयोजन में डॉ. रीति गुप्ता, संयोजक महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ, की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं और स्टाफ को महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सुरक्षित वातावरण से जुड़े विषयों पर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि सम्मान, समानता और सुरक्षा प्रत्येक महिला का अधिकार है।

