नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय सेना के नौकायन पोत आईएएसवी ‘त्रिवेणी’ की सर्व-महिला टीम द्वारा ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान की सफल पूर्णता पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश के युवाओं, विशेषकर महिलाओं को बड़े सपने देखने और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देगी।
सोमवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ने अभियान पूरा करने के बाद लौटी सर्व-महिला टीम से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने दल के साहस, धैर्य, दृढ़ता और उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान भारतीय महिलाओं की नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संकल्प का सशक्त प्रतीक है।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना की नौ महिला अधिकारियों ने 314 दिनों में 25,500 से अधिक समुद्री मील की यात्रा पूरी की। इस दौरान दल ने विश्व के सबसे चुनौतीपूर्ण समुद्री मार्गों से गुजरते हुए चार महासागरों की परिक्रमा की और केप लीउविन, केप हॉर्न तथा केप ऑफ गुड होप का चक्कर लगाकर वैश्विक समुद्री परिक्रमा के सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा किया।
‘समुद्र प्रदक्षिणा’ भारत का पहला त्रि-सेवा सर्व-महिला वैश्विक समुद्री परिक्रमा अभियान है, जिसका उद्देश्य नारी शक्ति, तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन और भारत की समुद्री क्षमता का प्रदर्शन करना था। अभियान की शुरुआत 11 सितंबर 2025 को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से हुई थी और 22 जुलाई 2026 को दल सफलतापूर्वक मुंबई लौट आया।
अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर ने किया, जबकि स्क्वाड्रन लीडर श्रद्धा पी. राजू उप-अभियान प्रमुख रहीं। राष्ट्रपति ने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों, विशेषकर युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
