गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य तभी साकार होगा जब मानव विकास और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों द्वारा खरखौदा वाहन निर्माण प्लांट का उद्घाटन सुजुकी के लिए सम्मान के साथ-साथ देश के विकास में अधिक योगदान देने की जिम्मेदारी भी बढ़ाता है।
शुक्रवार को मानेसर स्थित जापान-इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग (JIM) के दौरे के दौरान उन्होंने छात्रों से संवाद किया और संस्थान की आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली का अवलोकन किया। इस अवसर पर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ हिसाशी ताकेउची सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि मारुति सुजुकी मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप कौशल विकास तथा सड़क सुरक्षा को देश की विनिर्माण क्षमता का मजबूत आधार मानती है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने गुजरात के मेहसाणा-गांधीनगर और हरियाणा के मानेसर-सोनीपत में चार जापान-इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग (JIM) स्थापित किए हैं, जहां युवाओं को आधुनिक औद्योगिक तकनीक, जापानी विनिर्माण पद्धतियों, गुणवत्ता, सुरक्षा, अनुशासन और निरंतर सुधार की संस्कृति का प्रशिक्षण दिया जाता है।
भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच के तहत खरखौदा प्लांट के उद्घाटन के बाद कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने बहादुरगढ़ स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (IDTR) का भी दौरा किया। मारुति सुजुकी ने छह राज्य सरकारों के सहयोग से देशभर में आठ आईडीटीआर केंद्र स्थापित किए हैं।
इन संस्थानों में अत्याधुनिक टेस्ट ट्रैक, ड्राइविंग सिमुलेटर और व्यापक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। यहां हल्के एवं भारी वाहनों, दोपहिया, तिपहिया, फोर्कलिफ्ट तथा अर्थ-मूविंग मशीनों के चालकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए भी विशेष सुधारात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।