अनिल अंबानी ईडी छापेमारी: 50 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई, 3,000 करोड़ का फ्रॉड!

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : अनिल अंबानी ईडी छापेमारी से भारत के कॉरपोरेट जगत में हड़कंप मच गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों के 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में हो रही है।

छापेमारी की बड़ी बातें:

  • ईडी ने मुंबई और दिल्ली में एक साथ कार्रवाई की।
  • कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी सहयोगी कंपनियों (RAGAA Companies) पर केंद्रित थी।
  • अनिल अंबानी के निजी आवास पर फिलहाल कोई छापा नहीं पड़ा।
  • छापेमारी PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002) के तहत की गई।

लोन फ्रॉड का मामला क्या है?

प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के अनुसार, ये छापे 2017 से 2019 के बीच यस बैंक द्वारा दिए गए 3,000 करोड़ रुपये के ऋण के कथित गलत उपयोग (डायवर्जन) को लेकर हैं।
इन ऋणों को व्यवसाय विस्तार और परिसंपत्ति अधिग्रहण के नाम पर लिया गया था, लेकिन जांच में पाया गया कि इनका प्रयोग कहीं और हुआ।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशंस और प्रमोटर अनिल अंबानी को “धोखाधड़ी” श्रेणी में रखा था। ईडी की यह कार्रवाई उसी रिपोर्ट के बाद की गई है।

सीबीआई और अन्य एजेंसियों की रिपोर्ट भी शामिल

ईडी की छापेमारी सिर्फ अपनी जांच के आधार पर नहीं है, बल्कि इसमें CBI द्वारा दर्ज प्राथमिकियां, SEBI, राष्ट्रीय आवास बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और NFRA जैसी संस्थाओं की रिपोर्टों को आधार बनाया गया है।

“हमारे पास दस्तावेज़ी सबूत हैं कि ऋण की राशि का उपयोग मूल उद्देश्य से हटकर किया गया।”
– एक ईडी अधिकारी ने बताया।

किन कंपनियों पर हुई छापेमारी?

ईडी की नजर रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस इंफ्राटेल, रिलायंस टेलीकॉम, और इनसे जुड़ी लगभग 50 कंपनियों पर है।
इनमें से कई कंपनियां सिर्फ कागजों पर मौजूद शेल कंपनियों के रूप में संदिग्ध हैं, जिनका इस्तेमाल धन शोधन में किया गया हो सकता है।

क्या है अगला कदम?

ईडी ने छापेमारी के दौरान डिजिटल दस्तावेज, ईमेल डेटा, बैंक स्टेटमेंट और लेनदेन रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
अब इन सभी दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और जरूरत पड़ी तो अनिल अंबानी या उनके प्रतिनिधियों से पूछताछ भी की जा सकती है।

पृष्ठभूमि में अनिल अंबानी और YES बैंक का रिश्ता

अनिल अंबानी की कंपनियों ने यस बैंक से बड़े स्तर पर फंडिंग प्राप्त की थी।
YES बैंक के पूर्व प्रमुख राणा कपूर पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी मामलों में आरोपी बनाए जा चुके हैं।
अनिल अंबानी का नाम उसी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।

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