फरीदाबाद, वायरल सच (ब्यूरो): घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी और क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर 43.12 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का फरीदाबाद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित 10 आरोपियों को नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक से गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3.10 लाख रुपये नकद, दो सिम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-31 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 मई 2026 को उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से उसे घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी और ऑनलाइन टास्क पूरे कर अच्छी कमाई का झांसा दिया गया।
शुरुआत में पीड़ित को छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क देकर कुछ रकम उसके खाते में भेजी गई, जिससे उसका भरोसा जीत लिया गया। बाद में उसे फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया, जहां 30 से 50 प्रतिशत तक का काल्पनिक मुनाफा दिखाया गया।
पीड़ित ने 17 मई से 1 जून 2026 के बीच आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में 43,12,928 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई और KYC शुल्क, अकाउंट अपग्रेड फीस, एडवांस टैक्स समेत कई अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे गए।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रशांत शर्मा, विक्रम सिंह, विवेक कुमार, गौरव कुमार, रेहान अहमद शाह, रणजीत, मनोज (भिवानी), दीपक (रोहतक), अस्मित (हरिद्वार) तथा रोहतक निवासी एक महिला को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि विवेक ने अपना बैंक खाता विक्रम सिंह को उपलब्ध कराया, जिसने इसे प्रशांत शर्मा को सौंप दिया। प्रशांत ने बैंक खाते और संबंधित दस्तावेज साइबर ठगों तक पहुंचाए। जांच में सामने आया कि इस खाते में ठगी की रकम में से करीब 3.80 लाख रुपये जमा हुए थे।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम, पार्ट-टाइम जॉब और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन निवेश या कमाई के प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।