गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): मंगलवार को करीब एक घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने गुरुग्राम में जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। शहर के कई प्रमुख इलाके, कॉलोनियां और मुख्य सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जगह-जगह जलभराव होने से लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए।
दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई बारिश लगभग एक घंटे तक लगातार जारी रही। इस दौरान सिविल लाइन, दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे (NH-48), राजीव चौक, हीरो होंडा चौक, बस स्टैंड, बसई रोड, बसई गांव, न्यू कॉलोनी और सदर बाजार समेत कई इलाकों में एक से डेढ़ फुट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण ऑफिस से घर लौट रहे कर्मचारियों, स्कूल से लौट रहे बच्चों और आम राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
बारिश के चलते दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई और कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। जलभराव के कारण कई बाइक सवार फिसलकर गिर गए, जबकि अनेक वाहन पानी में बंद हो गए। कई आवासीय सोसायटियों के बेसमेंट में पानी भरने की शिकायतें भी सामने आईं। मेट्रो स्टेशन के आसपास भी पानी जमा होने से पैदल यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बारिश थमने के बाद नगर निगम और प्रशासन की टीमें पंपों के साथ जल निकासी के लिए मौके पर पहुंचीं, लेकिन बारिश रुकने के करीब दो घंटे बाद तक भी कई स्थानों से पानी पूरी तरह नहीं निकल पाया।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करें।
एक घंटे की बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि स्मार्ट सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे गुरुग्राम के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था अब भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
