गुरुग्राम के सेक्टर 80-95 को जलभराव से मिलेगी राहत, मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क अंतिम चरण में

गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): नए गुरुग्राम के सेक्टर 80 से 95 तक रहने वाले हजारों परिवारों को जल्द ही मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से बड़ी राहत मिलने वाली है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा तैयार किया जा रहा मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद इसे गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को सौंप दिया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार सेक्टर 81 से 87 तक का स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार कर जीएमडीए को सौंपा जा चुका है, जबकि सेक्टर 88 से 95 तक निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके पूरा होते ही पूरे नेटवर्क का संचालन और रखरखाव जीएमडीए द्वारा किया जाएगा।

इस परियोजना के तहत सेक्टर 80 से 95 तक का वर्षा जल सीधे लेग-4 मास्टर कैरियर ड्रेन के माध्यम से निकाला जाएगा। जीएमडीए पहले ही वाटिका चौक से दिल्ली-जयपुर हाईवे तक लेग-4 मास्टर ड्रेन का निर्माण पूरा कर चुका है। इससे बारिश का पानी तेजी से मुख्य ड्रेन तक पहुंचेगा और सड़कों, सर्विस लेन तथा रिहायशी इलाकों में जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।

फिलहाल, जब तक पूरा नेटवर्क तैयार नहीं हो जाता, तब तक सेक्टर 83 से 95 तक के वर्षा जल की निकासी अस्थायी रूप से चिन्हित ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों की ओर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है और मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क शुरू होने के बाद इसकी आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

जीएमडीए के एक्सईएन विक्रम सिंह ने बताया कि जीएमडीए और एचएसवीपी का उद्देश्य नए गुरुग्राम में ड्रेनेज नेटवर्क को पूरी तरह कार्यशील बनाकर मानसून के दौरान जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद सेक्टर 80 से 95 तक के हजारों परिवारों को बेहतर जल निकासी सुविधा मिलेगी, जिससे बारिश के मौसम में आवागमन भी अधिक सुगम रहेगा।

इस परियोजना के पूरा होने से नए गुरुग्राम में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और लंबे समय से जलभराव से जूझ रहे निवासियों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

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