नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में साझा भुगतान व्यवस्था विकसित करने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने सदस्य देशों से डिजिटल व्यापार को आसान बनाने के लिए आपसी भुगतान प्रणालियों को जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
डिजिटल भुगतान में भारत की उपलब्धियों का किया उल्लेख
नई दिल्ली में आयोजित BRICS बिजनेस फोरम 2026 के उद्घाटन सत्र में गोयल ने भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सालाना 250 अरब से अधिक लेनदेन कर रहा है।
गोयल के मुताबिक, लेनदेन की संख्या के लिहाज से दुनिया में होने वाले डिजिटल भुगतान में यूपीआई की हिस्सेदारी आधे से अधिक है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 11 देशों में UPI स्वीकार किया जाता है।
स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ाने की अपील
वाणिज्य मंत्री ने BRICS सदस्य और साझेदार देशों से भुगतान प्रणालियों को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में सहयोग करने को कहा। उनका कहना था कि इससे स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और डिजिटल कारोबार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने उभरती हुई नई तकनीकों के क्षेत्र में भी BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई।
डॉलर पर निर्भरता घटाने की दिशा में पहल
गोयल ने कहा कि BRICS देशों को डॉलर पर निर्भरता कम करने के विकल्पों पर काम करना चाहिए। इसके लिए आपसी पेमेंट सिस्टम को जोड़ने और द्विपक्षीय व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संबंध जितने मजबूत होंगे, उतना ही आर्थिक सहयोग व्यापक होगा। साथ ही, सप्लाई चेन में विविधता लाना भी जरूरी है, ताकि किसी एक देश की परिस्थितियों का असर दूसरे देशों की आर्थिक वृद्धि और लोगों के कल्याण पर कम से कम पड़े।
कच्चे माल और क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति पर जोर
गोयल ने मजबूत और सुरक्षित आपूर्ति शृंखला के लिए क्रिटिकल मिनरल्स और कच्चे माल के निर्बाध आदान-प्रदान को महत्वपूर्ण बताया।
इसके अलावा उन्होंने पेशेवरों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को आसान बनाने तथा महिला उद्यमियों को वैश्विक व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में अधिक अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत भी रेखांकित की।
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच हो रहा BRICS सम्मेलन
BRICS बिजनेस फोरम का आयोजन दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले किया गया है। भारत शनिवार से इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान संघर्ष से होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न अवरोध और अमेरिकी शुल्क नीतियों के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स की अहम भूमिका
BRICS वर्तमान में दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रभावशाली समूह है। इसमें 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। समूह वैश्विक आबादी के लगभग 49.5 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के करीब 40 प्रतिशत और दुनिया के कुल व्यापार के लगभग 26 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

