राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रवार को एमएसएमई दिवस के कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार, 27 जून को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले ‘एमएसएमई दिवस 2025, उद्यमी भारत कार्यक्रम’ की अध्यक्षता करेंगी। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु देश के विभिन्न हिस्सों से आए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगी और उन्हें प्रेरित करेंगी।

एमएसएमई का महत्व और कार्यक्रम का उद्देश्य


एमएसएमई दिवस देश के आर्थिक विकास में इस क्षेत्र के योगदान को मान्यता देने का एक प्रमुख अवसर होता है। एमएसएमई (Micro, Small and Medium Enterprises) भारत की अर्थव्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे रोजगार सृजन, निर्यात, और ग्रामीण विकास में योगदान देते हैं। एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम में नई पहलों की घोषणा की जाएगी।

कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME Ministry) के अधिकारियों के अलावा एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी, एमएसएमई राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार भी मौजूद रहेंगे। इन नेताओं के साथ-साथ मंत्रालय और उसके संगठनों के अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेंगे।

सीजीटीएमएसई द्वारा स्मारक डाक टिकट जारी करने का निर्णय


इस अवसर पर सीजीटीएमएसई (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises) के द्वारा एमएसएमई को दी गई 25 वर्षों की सेवा पूरी होने पर स्मारक डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। यह डाक टिकट एमएसएमई क्षेत्र की अहमियत और इसके प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विलंबित भुगतानों की समस्या का समाधान


कार्यक्रम के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत भी की जाएगी। विलंबित भुगतानों से संबंधित सूक्ष्म और लघु उद्यमों की शिकायतों के ऑनलाइन समाधान के लिए पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। यह पोर्टल एमएसएमई को उनके भुगतानों से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा।

एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियां और सरकार की योजनाएं


एमएसएमई क्षेत्र को अक्सर विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे कि पूंजी की कमी, उच्च ब्याज दरें, सरकारी नियमों की जटिलता और बाजारों तक पहुंच की कमी। ऐसे में इस कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को लचीला, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।

भारत सरकार ने कई योजनाओं के माध्यम से एमएसएमई को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम उठाए हैं, जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) और उद्यमी भारत योजना। इन योजनाओं के जरिए छोटे और मंझले उद्योगों को वित्तीय सहायता, तकनीकी मदद और बाजार तक पहुंच के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

सरकार का सहयोग और भविष्य की योजनाएं


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का इस कार्यक्रम में शामिल होना इस बात का संकेत है कि भारत सरकार एमएसएमई क्षेत्र को किस प्रकार बढ़ावा दे रही है। सरकार इस क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि एमएसएमई और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।

इस कार्यक्रम के माध्यम से, सरकार एमएसएमई क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए और योजनाएं लाने की तैयारी कर रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत कई नई पहलों की घोषणा की जाएगी जो एमएसएमई के लिए सहायक सिद्ध होंगी।

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