गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 88 चेक बुक, 88 एटीएम कार्ड, 11 डिजिटल सिग्नेचर (DSC), 8 मोबाइल फोन, 7 रबर स्टैंप और 14 बैंक स्कैनर बरामद किए हैं।
एसीपी साइबर क्राइम गौरव फोगाट ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय कावटिया (39) और रजत ग्रोवर (22) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि अजय इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। उसने अपने साथियों के नाम पर चार फर्जी (शेल) कंपनियां बनाकर उनके दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में करीब 80 करंट और सेविंग खाते खुलवाए।
पुलिस के अनुसार इन खातों को तैयार करने के बाद देश और विदेश में बैठे साइबर अपराधियों को किराए पर या सीधे इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जाता था। आरोपी रजत ग्रोवर ने भी कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता अजय को सौंप दिया था, जिसमें साइबर ठगी से प्राप्त रकम ट्रांसफर की जाती थी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अजय साइबर ठगों से ठगी गई राशि का करीब 6 प्रतिशत कमीशन प्राप्त करता था और उसमें से कुछ हिस्सा खाताधारकों को देता था।
प्रारंभिक जांच में बरामद बैंक खातों के खिलाफ देशभर में 250 से अधिक साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज मिली हैं। पुलिस को आशंका है कि इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां गिरोह के अन्य सदस्यों, साइबर ठगों के नेटवर्क और बैंक अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी जांच कर रही हैं।
