चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस विभाग को मजबूत बनाने और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में तफ्तीश (इनवेस्टीगेशन) हेड के तहत उपलब्ध राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की जाएगी, ताकि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांच अधिकारियों (आईओ) को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
मुख्यमंत्री शनिवार को करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में आयोजित “एक पुलिस, एक संकल्प–ड्रग्स मुक्त हरियाणा” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पुलिस तंत्र को और अधिक मजबूत बना रही है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एनडीपीएस (NDPS) मामलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए हरियाणा की अलग अवार्ड पॉलिसी तैयार की जाएगी। इसके लिए अन्य राज्यों की पुरस्कार नीतियों का अध्ययन कर प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप नई नीति बनाई जाएगी, जिससे पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और नशा तस्करों के खिलाफ अभियान को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि ड्यूल पर्पज़ ड्रग्स के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए सरकार सॉफ्टवेयर आधारित एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करेगी। सिस्टम तैयार होने तक संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रुप-डी कर्मचारियों के कार्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी एक आधुनिक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा। इस प्रणाली के माध्यम से कर्मचारियों की योग्यता और कौशल के आधार पर उनकी ड्यूटी तय की जाएगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे। संवेदनशील जिलों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जो थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को प्रभावी रूप से नशामुक्त बनाने में सफल होगा, सत्यापन के बाद उसे राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जिला, उपमंडल, ब्लॉक, गांव और वार्ड स्तर तक नशा मुक्ति टास्क फोर्स का गठन करेगी। इस टास्क फोर्स में जनप्रतिनिधियों, थाना प्रभारियों, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, युवा एवं महिला मंडलों, केमिस्ट एसोसिएशन तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को शामिल किया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा सके।
इस अवसर पर हरियाणा पुलिस के महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने कहा कि प्रदेशभर में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई कर रहा है।
प्रदेश सरकार की इन घोषणाओं से पुलिस जांच व्यवस्था को आधुनिक संसाधन मिलेंगे, जबकि नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, नई अवार्ड पॉलिसी और नशा मुक्ति टास्क फोर्स के गठन से पुलिस, प्रशासन और समाज की संयुक्त भागीदारी के माध्यम से ड्रग्स मुक्त हरियाणा के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
