चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को प्रदेश के उपायुक्तों को राज्य से टीबी (तपेदिक) के पूर्ण उन्मूलन के लिए ठोस एवं परिणामोन्मुखी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ और ‘निक्षय मित्र पहल’ के तहत किए जा रहे कार्यों के प्रभाव का समय-समय पर परिणामों के आधार पर आकलन किया जाए।
राज्यपाल ने चंडीगढ़ स्थित लोक भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 13 जिलों के उपायुक्तों को संबोधित किया। बैठक में हरियाणा में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ एवं ‘निक्षय मित्र पहल’ के तहत किए जा रहे कार्यों और उनकी प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रो. घोष ने टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए निवारक उपायों तथा समुदाय आधारित स्क्रीनिंग को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अधिक जोखिम वाले गांवों पर विशेष ध्यान दिया जाए और जांच व स्वास्थ्य सुविधाएं कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों तक सीधे पहुंचाई जाएं। टीबी से संक्रमित पाए गए मरीजों के समुचित उपचार और देखभाल पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके अलावा ‘निक्षय मित्र पहल’ के तहत जरूरतमंद मरीजों को समय पर पोषण सहायता किट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने प्रौद्योगिकी आधारित साधनों, विशेषकर ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’, के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया। उन्होंने जिला टीबी केंद्रों को मजबूत करने, आवश्यकता के अनुसार उनमें सुधार करने और कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सभी उपायुक्तों से ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पंजीकरण करवाने और टीबी से प्रभावित लोगों को पोषण सहायता उपलब्ध करवाने में योगदान देने का आग्रह किया गया। साथ ही, उपायुक्त कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस पहल से जोड़ने और इस नेक कार्य में योगदान के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की गई।
इस अवसर पर नेशनल हेल्थ मिशन, हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों, राज्यपाल के सचिव विजय कुमार भाविकट्टी, डीएचएस डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. राजेश राजू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सिरसा, महेंद्रगढ़, सोनीपत, पंचकूला, हिसार, फरीदाबाद, नूंह, करनाल, यमुनानगर, चरखी दादरी, पानीपत, गुरुग्राम और रोहतक के उपायुक्तों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

