नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता की कृपा से संतान सुख, मानसिक शांति, और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह दिन भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के 5वें दिन अगर आप ये एक विशेष काम कर लें, तो संतान सुख, मानसिक शांति और जीवन की बाधाएं दूर हो सकती हैं?
जी हां, ये दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता को समर्पित होता है — जिनकी पूजा से जीवन में बड़ी-बड़ी समस्याएं चुटकियों में हल हो सकती हैं।
कौन हैं मां स्कंदमाता?
- मां स्कंदमाता, भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं।
- ये कमल पर विराजमान होती हैं और इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है।
- इनकी पूजा करने से विशेष रूप से संतान संबंधी समस्याएं, मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है।
“जो लोग मां स्कंदमाता की सच्चे भाव से पूजा करते हैं, उनके घर में संतान सुख, शांति, और धन-संपत्ति का आगमन होता है।”
जानिए क्या करें नवरात्रि के 5वें दिन (Step-by-step पूजा विधि):
1. सूरज निकलने से पहले उठें
- स्नान करके पीले रंग के वस्त्र पहनें — मां को यह रंग अत्यंत प्रिय है।
2. मां की मूर्ति या फोटो की स्थापना करें
- कमल पर बैठी मां स्कंदमाता की तस्वीर या मूर्ति को चौकी पर रखें।
3. इन चीजों का भोग जरूर लगाएं:
- केले का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे मां तुरंत प्रसन्न होती हैं।
4. मंत्र जाप करें:
- कम से कम 108 बार इस मंत्र का जाप करें:
“ॐ देवी स्कंदमातायै नमः”
5. आरती और पाठ:
- दुर्गा सप्तशती, देवी कवच, या आरती अवश्य करें।
ऐसा क्या होगा अगर आपने पूजा नहीं की?
- बार-बार आने वाली विघ्न-बाधाएं दूर नहीं होंगी
- संतान सुख की प्राप्ति में देरी हो सकती है
- जीवन में नकारात्मकता, तनाव और असफलता बनी रह सकती है
अगर आप ये करेंगे, तो क्या-क्या मिलेगा?
| उपाय | लाभ |
|---|---|
| मां स्कंदमाता की पूजा | संतान सुख में वृद्धि |
| पीले वस्त्र और केला भोग | मां की विशेष कृपा |
| मंत्र जाप | मानसिक शांति और आत्मिक बल |
| दुर्गा सप्तशती का पाठ | नकारात्मक शक्तियों से रक्षा |
नवरात्रि का पंचम दिन मां स्कंदमाता की कृपा पाने का शुभ अवसर होता है। इस दिन श्रद्धा और विधिपूर्वक पूजा कर भक्त संतान सुख, शांति, और आध्यात्मिक उत्थान की ओर अग्रसर होते हैं। साथ ही जीवन की सभी नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती हैं और मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
क्यों असरकारी है ये उपाय?
- पीला रंग मां स्कंदमाता को अत्यंत प्रिय है — यह शांति, ज्ञान और सुख का प्रतीक है।
- केला, एक सरल फल है लेकिन मां को प्रिय माना गया है, इसलिए इसका भोग शीघ्र फल देने वाला होता है।
- मंत्र जाप और मनोकामना प्रार्थना — जब सच्चे भाव से की जाए, तो शक्तिशाली कंपन (vibration) उत्पन्न करता है जो ब्रह्मांड में आपकी बात पहुंचाता है।
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