गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): जिलाभर में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के छोटे-बड़े मंदिरों को रंग-बिरंगी बिजली की लडिय़ों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय नजर आया।
राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे बच्चों ने जीता दिल
जन्माष्टमी के अवसर पर घरों और मंदिरों में छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण की पोशाक पहनाकर सजाया गया। नन्हे बाल गोपाल और राधा के रूप में सजे बच्चे श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। कई स्थानों पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
मंदिरों में सजीं भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां
शहर के मंदिरों में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोवर्धन पर्वत और रासलीला पर आधारित आकर्षक झांकियां सजाई गईं। शीतला माता मंदिर, घंटेश्वर मंदिर, इस्कॉन मंदिर सेक्टर-45, बादशाहपुर, ओल्ड रेलवे रोड स्थित प्रेम मंदिर, सदर बाजार के पास घंटेश्वर मंदिर, प्राचीन हनुमान मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर और सेक्टर-14 के कृष्ण मंदिर समेत शहर के सैकड़ों मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए।
मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और अभिषेक किया गया। पुजारियों ने भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाया और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया। कई मंदिरों में दही-हांडी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बाजारों में राधा-कृष्ण की पोशाकों की खूब बिक्री
जन्माष्टमी को लेकर गुरुग्राम के बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण के वस्त्र, मुकुट, बांसुरी और झूलों की जमकर बिक्री हुई। राधा-कृष्ण के पात्रों के लिए पोशाकों की भी खूब मांग रही। अभिभावकों ने बच्चों को कृष्ण और राधा के रूप में सजाने के लिए आकर्षक पोशाकें और श्रृंगार सामग्री खरीदी।
महिलाओं ने रखा व्रत, देर रात तक चला भजन-कीर्तन
जन्माष्टमी के अवसर पर महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में देर रात तक भजन-कीर्तन चलता रहा और श्रद्धालु भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।
मंदिरों के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जन्माष्टमी को देखते हुए शहर में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रमुख मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की।
कुल मिलाकर, जन्माष्टमी के पर्व ने गुरुग्राम में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक एकता का अनोखा संगम प्रस्तुत किया। मंदिरों से लेकर घरों और बाजारों तक भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
