गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): गुरुग्राम में अपराध पर लगाम कसने और पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस आयुक्त शिबास कविराज ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अच्छी पुलिसिंग को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही, दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में पुलिस थानों के कामकाज और थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।
बुधवार देर रात तक चली क्राइम मीटिंग में पुलिस आयुक्त ने सभी डीसीपी, एसीपी, एसएचओ, चौकी प्रभारियों और क्राइम ब्रांच प्रभारियों के साथ अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम पुलिस का मकसद केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम, प्रभावी पुलिस मौजूदगी और आम जनता का विश्वास मजबूत करना है।
जनता के फीडबैक से तय होगा पुलिसिंग का रिपोर्ट कार्ड
पुलिस आयुक्त ने कहा कि जनता का फीडबैक, रिस्पॉन्स टाइम, जांच की गुणवत्ता और जनसंतुष्टि पुलिसिंग के मूल्यांकन के प्रमुख आधार होंगे। इन्हीं मानकों के आधार पर थाना प्रभारियों का मासिक मूल्यांकन किया जाएगा।
हर महीने बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारी को ‘Best SHO of the Month’ के खिताब से सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर पुलिसिंग के लिए प्रोत्साहित करना है।
फरियादियों से दुर्व्यवहार पर होगी कार्रवाई
पुलिस आयुक्त ने थानों में आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों को अनावश्यक रूप से थानों के चक्कर लगवाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान की जाएगी।
ऐसे पुलिसकर्मियों को पब्लिक डीलिंग से हटाने के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। यदि किसी शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के साथ-साथ थाना प्रभारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
रात में विशेष पेट्रोलिंग पर नजर
अपराध नियंत्रण के लिए रात के समय पुलिस की मौजूदगी को और मजबूत किया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि हर रात डीसीपी रैंक के अधिकारी विशेष पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे। वहीं पुलिस कंट्रोल रूम में 24 घंटे एसीपी रैंक के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
पीसीआर और ईआरवी के रिस्पॉन्स टाइम की नियमित समीक्षा भी की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में पुलिस की पहुंच को और तेज किया जा सके।
नशा तस्करों और आदतन अपराधियों पर शिकंजा
क्राइम मीटिंग में आदतन अपराधियों की निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त बढ़ाने, गुमशुदा बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई करने तथा महिला अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए गए।
साइबर ठगी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही तेजी से कार्रवाई कर ठगी की रकम को होल्ड कराने के प्रयास करने को कहा गया।
इसके साथ ही बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा सीसीटीवी कैमरों की कवरेज की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस आयुक्त शिबास कविराज ने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। पुलिसिंग की गुणवत्ता का वास्तविक पैमाना जनता का फीडबैक है। इसलिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में जवाबदेही, संवेदनशीलता और तत्परता को प्राथमिकता देनी होगी।
