गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो) : यहां एक व्यक्ति का फर्जी सीबीआई अधिकारी द्वारा डिजिटली अरेस्ट करके बैंक खाता सीज किया गया। उसे मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर खाते में रुपये ट्रांसफर करवाकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार 31 जनवरी 2025 को एक व्यक्ति ने पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम गुरुग्राम में एक शिकायत दी थी। उसने शिकायत में कहा कि उसके पास एक फोन कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने उसके नाम और उसके फोन नंबर पर बहुत सारी शिकायतें रजिस्टर्ड व उसके खिलाफ पुलिस थाना अंधेरी मुंबई में एक केस दर्ज होने की बात कही। फिर वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को पुलिस अधिकारी से बात कराते हुए मुझे कहा कि मेरा नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में है।
फिर उन्होंने एक व्यक्ति को सीबीआई अधिकारी कहकर बात कराई। उसने कहा कि उसके बैंक खाते को चेक करना पड़ेगा। फिर उस सीबीआई अधिकारी ने बताया कि आपके बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग के रुपए आए हैं। इस तरह से उसे डिजिटल अरेस्ट करके उससे रुपए ट्रांसफर करवाकर, उसके साथ ठगी कर ली। इस शिकायत पर थाना साइबर अपराध पश्चिम गुरुग्राम में केस दर्ज किया गया।
थाना साइबर अपराध पश्चिम गुरुग्राम के निरीक्षक संदीप कुमार की टीम ने इस मामले में एक आरोपी को गुरुग्राम से काबू करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान बापी दास (47) निवासी मदर पाढा जिला नादिया (पश्चिम-बंगाल) के रूप में हुई है। आरोपी से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ठगी गई राशि में से लगभग 45 लाख रुपये आरोपी बापी के खाते में ट्रांसफर हुए थे।
आरोपी बापी ने यह बैंक खाता एक लाख रुपये में अपने एक अन्य साथी व्यक्ति को बेचा था। आरोपी के अपराधिक रिकॉर्ड से पता चला है कि आरोपी पर साईबर ठगी करने के तीन केस मुंबई में दर्ज हैं। पुलिस टीम द्वारा इस केस में अब तक 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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