Delhi SDRF Formation: बड़ा कदम,
नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं से निपटने के लिए अपनी राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) गठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। Delhi SDRF Formation के तहत दिल्ली में 1,100 जवानों वाली एसडीआरएफ बटालियन के गठन का प्रस्ताव है। इससे आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित बल को घटनास्थल तक तेजी से पहुंचाने और राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में SDRF गठन की तैयारी तेज
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। एसडीआरएफ के गठन के साथ अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी विशेष प्रशिक्षण देने की योजना है।
इसका उद्देश्य दिल्ली में मौजूद स्थानीय मानव संसाधन को आपदा के समय जरूरी कौशल से लैस करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक
इसी विषय को लेकर गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में एनडीआरएफ के अधिकारियों ने दिल्ली में एसडीआरएफ के गठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी।
एनडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में 1,100 जवानों की बटालियन के रूप में एसडीआरएफ का गठन किया जा सकता है। यह बल दिल्ली सरकार के अधीन काम करेगा और आपदा की स्थिति में सरकार के निर्देश पर घटनास्थल पर तेजी से पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में भूमिका निभाएगा।
एनडीआरएफ देगा प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता
प्रस्तावित एसडीआरएफ के जवानों को आवश्यक प्रशिक्षण एनडीआरएफ की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विशेष उपकरणों सहित अन्य आवश्यक सहायता भी एनडीआरएफ द्वारा दी जाएगी।
एसडीआरएफ के गठन के बाद दिल्ली सरकार अपने फायर विभाग के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी प्रशिक्षण दिलाएगी। इससे आपदा की स्थिति में अलग-अलग एजेंसियां बेहतर समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य कर सकेंगी।
त्वरित प्रतिक्रिया पर सरकार का फोकस
सरकार के अनुसार, किसी भी आपदा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में त्वरित प्रतिक्रिया शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ के गठन और संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण की योजना तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन से जुड़े उपकरणों की सूची और उनके भंडारण की जानकारी संबंधित विभागों के साथ साझा की जाए। इससे दुर्घटना या आपदा की स्थिति में आवश्यक उपकरणों को तत्काल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
रेखा गुप्ता ने बताया समय की जरूरत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में अपनी एसडीआरएफ का गठन लंबे समय से अपेक्षित था। उनके अनुसार देश के अधिकांश राज्यों में एसडीआरएफ का गठन हो चुका है और घनी आबादी वाले महानगर दिल्ली के लिए भी ऐसा बल समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में विभिन्न कारणों से यह व्यवस्था आकार नहीं ले सकी। अब दिल्ली सरकार इस दिशा में आगे बढ़ेगी, जिससे आपदा के समय बाहरी सहायता पर निर्भरता कम करने और स्थानीय स्तर पर तत्काल प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बढ़ती आबादी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के बीच मजबूत तैयारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हो रहा है और आबादी भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्राकृतिक अथवा मानवीय आपदा की स्थिति में गंभीर नुकसान की आशंका को देखते हुए पहले से मजबूत तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र आवश्यक है।
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली देश की राजधानी है और यहां केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं। इसलिए मध्य दिल्ली, उत्तरी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली में भी एनडीआरएफ की मौजूदगी जरूरी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस विषय पर संबंधित विभागों के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार के पास ऐसी जमीन उपलब्ध है, जिसे इस उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
