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Delhi PWD Engineering Cadre: केंद्र की मंजूरी, 3,214 पद अब होंगे स्वतंत्र

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Delhi PWD Engineering Cadre

Delhi PWD Engineering Cadre: केंद्र की मंजूरी, 3,214 पद अब होंगे स्वतंत्र

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरिंग ढांचे को अब स्वतंत्र पहचान मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने पीडब्ल्यूडी के 3,214 स्वीकृत इंजीनियरिंग पदों को सीपीडब्ल्यूडी कैडर से अलग कर स्वतंत्र दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर के तहत संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्र के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अलग कैडर बनने से दिल्ली में विकास और निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही और पारदर्शिता को भी मजबूत किया जा सकेगा। उन्होंने इसे दिल्ली को विकसित, सुरक्षित और विश्वस्तरीय राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

30 साल से लंबित था अलग कैडर का मामला

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरिंग विंग में 36 श्रेणियों के 3,214 पद स्वीकृत हैं। अभी तक ये पद सीपीडब्ल्यूडी कैडर का हिस्सा थे और नियुक्तियां केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुसार होती थीं।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था के चलते कई बार राजधानी की स्थानीय जरूरतों के अनुसार इंजीनियरिंग अधिकारियों की तैनाती और प्रशासनिक फैसलों में व्यावहारिक दिक्कतें आती थीं।

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली पीडब्ल्यूडी के पास लंबे समय से अपना स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर नहीं था और यह मुद्दा करीब तीन दशक से लंबित था। दिल्ली की विकास संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार ने अलग कैडर बनाने का फैसला किया, जिसे अब केंद्र से मंजूरी मिल गई है।

सड़कों से सरकारी भवनों तक बढ़ेगी क्षमता

मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली में सड़कों, पुलों, सरकारी भवनों, कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक ढांचों के निर्माण के साथ-साथ उनके रखरखाव का काम लगातार चलता रहता है। ऐसे में राजधानी की विशिष्ट जरूरतों के मुताबिक काम करने वाला मजबूत और स्वतंत्र इंजीनियरिंग तंत्र आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि नए कैडर के बाद दिल्ली सरकार इंजीनियरिंग व्यवस्था को अपनी जरूरतों के हिसाब से अधिक प्रभावी तरीके से संचालित कर सकेगी। इससे इंजीनियरों की उपलब्धता, खाली पदों को भरने, परियोजनाओं की निगरानी और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नए सचिवालय समेत कई परियोजनाओं पर जोर

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार को आने वाले समय में नया सचिवालय और सभी 11 जिलों में मिनी सचिवालय तैयार करना है। इसके अलावा मंडियों, खेल मैदानों तथा अन्य प्रशासनिक और सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित भवनों का निर्माण भी किया जाना है।

सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाना है। इन सभी कार्यों के लिए एक सक्षम और मजबूत इंजीनियरिंग व्यवस्था की जरूरत होगी।

3,214 पद अब दिल्ली पीडब्ल्यूडी कैडर में

केंद्र की मंजूरी के बाद दिल्ली पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरिंग विंग के 3,214 स्वीकृत पद सीपीडब्ल्यूडी कैडर से बाहर होकर स्वतंत्र दिल्ली पीडब्ल्यूडी इंजीनियरिंग कैडर के अंतर्गत आएंगे।

सरकार का मानना है कि इससे दिल्ली इंजीनियरिंग सेवाओं के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेगी और ऐसा कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी, जिसे राजधानी की स्थानीय जरूरतों, विकास की चुनौतियों और विशिष्ट परिस्थितियों की बेहतर समझ होगी।

जवाबदेही तय करने में भी मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र कैडर बनाने का उद्देश्य केवल प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करना नहीं है। इसके जरिए निर्माण कार्यों में तेजी के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी और पारदर्शिता को भी मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि पहले किसी निर्माण कार्य में गंभीर कमी या अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण की वजह से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। स्वतंत्र कैडर बनने के बाद इंजीनियरिंग अधिकारियों की जिम्मेदारियों और उनके काम की निगरानी को दिल्ली सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था से अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ा जा सकेगा।

रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र की मंजूरी से दिल्ली के इंजीनियरिंग तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की विकास परियोजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने का रास्ता भी साफ हुआ है।

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