बच्चों को हीटवेव से सुरक्षित कैसे रखें – गर्मी में जरूरी सुरक्षा टिप्स

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो) : दिल्ली-एनसीआर समेत समूचा उत्तर भारत इस वक्त झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हीटवेव को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले कुछ दिनों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर जाने की चेतावनी दी गई है। दिन में चलने वाली तेज़ लू और तपती धूप ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। इस भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों पर मंडरा रहा है, जो तापमान के उतार-चढ़ाव को सहन नहीं कर पाते। ऐसे में हर माता-पिता के मन में यही सवाल उठ रहा है कि बच्चों को हीटवेव से सुरक्षित कैसे रखें ताकि वे इस खतरनाक मौसम में स्वस्थ और सुरक्षित रहें।

ऐसे में ज़रूरी है कि अभिभावक बच्चों को हीटवेव से बचाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतें। यहां जानें कुछ आसान और प्रभावी उपाय, जो बच्चों को इस झुलसाती गर्मी से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।

हीटवेव में बच्चों को डिहाइड्रेशन से कैसे बचाएं


गर्मी में शरीर बहुत जल्दी पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स खो देता है। बच्चों को थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पिलाते रहें। सिर्फ पानी ही नहीं, उन्हें नारियल पानी, ताजा फलों का रस, नींबू पानी, लस्सी और छाछ जैसी चीज़ें भी दें, ताकि इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे और डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।

गर्मी में बच्चों के लिए सही कपड़ों का चयन कैसे करें


तेज गर्मी में बच्चों को टाइट और सिंथेटिक कपड़ों से दूर रखें। इसके बजाय हल्के रंगों के सूती कपड़े पहनाएं जो पसीना सोखने में मदद करें और शरीर को ठंडक पहुंचाएं। काले या गहरे रंग के कपड़े गर्मी को अधिक सोखते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ सकता है।

हीटवेव के दौरान बच्चों को बाहर जाने से कैसे रोकें


सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय सबसे ज्यादा गर्म होता है। इस समय बच्चों को बाहर खेलने या कहीं ले जाने से बचें। अगर बाहर जाना अनिवार्य हो तो टोपी, छाता, हल्के कपड़े और सनग्लासेस जरूर पहनाएं। शरीर को सूरज की किरणों से ढककर रखें, ताकि सनबर्न और हीट स्ट्रोक से बचाव हो सके।

घर के अंदर ठंडी और हवादार जगह पर रखें


अगर घर में एयर कंडीशनर नहीं है, तो भी हवादार कमरा बच्चों के लिए सुरक्षित होता है। दिन के समय खिड़कियों और दरवाज़ों को बंद रखें ताकि गर्मी अंदर न आए। शाम के वक्त खिड़कियां खोल दें ताकि ताज़ी हवा आ सके। कूलर का इस्तेमाल करते समय ध्यान दें कि बच्चे सीधे कूलर के सामने न हों।

हीट स्ट्रोक के लक्षण पहचानें और डॉक्टर से संपर्क करें


अगर बच्चा अचानक चक्कर खाए, सिर दर्द हो, उल्टी या सुस्ती महसूस करे, उसका मुंह सूख जाए या तेज बुखार आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये हीट स्ट्रोक या हीट एक्सॉशन के लक्षण हो सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।

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