दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में 4 विधेयक पारित, आठवीं विधानसभा में अब तक 19 कैग रिपोर्ट पेश

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान 13 घंटे 19 मिनट की कार्यवाही में चार विधेयक पारित किए गए। इसके अलावा आठवीं दिल्ली विधानसभा के अब तक हुए छह सत्रों में 19 कैग रिपोर्ट सदन के पटल पर पेश की जा चुकी हैं। उन्होंने बुधवार को विधानसभा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मानसून सत्र में दिल्ली बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान (निरसन) विधेयक, 2026, नागरिकों को समयबद्ध और सुगम सेवाओं की उपलब्धता के अधिकार से संबंधित विधेयक, 2026, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किए गए। उन्होंने कहा कि ये विधेयक जन सेवाओं को बेहतर बनाने, शहरी आश्रय प्रशासन को मजबूत करने और अग्निशमन सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

अध्यक्ष ने बताया कि नियम 280 के तहत 52 जनहित के मामले उठाए गए। सामान्य तौर पर प्रतिदिन 10 सदस्यों के लिए निर्धारित सीमा के बावजूद एक दिन में 23 सदस्यों को जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर दिया गया। उन्होंने कहा कि 22 विपक्षी सदस्यों वाली विधानसभा में करीब 20 विपक्षी सदस्य सदन में मौजूद रहे, जबकि सत्तापक्ष के 48 में से लगभग 44-45 सदस्य उपस्थित रहे।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सातवीं दिल्ली विधानसभा ने अपने पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल में पांच सत्र आयोजित किए थे, जबकि आठवीं विधानसभा ने डेढ़ वर्ष से भी कम समय में छह सत्र आयोजित किए हैं। सत्रों के दौरान सदस्यों ने कूड़ा निस्तारण, जलभराव, आवारा पशु, पीडब्ल्यूडी की सड़कें और बिजली के बिलों समेत विभिन्न नागरिक समस्याओं को उठाया।

उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में राजनीतिक नेताओं की भूमिका और सजा के मुद्दे पर दो दिवसीय अल्पकालिक चर्चा हुई। इसके अलावा दिल्ली लक्ष्मी योजना के संबंध में सदन ने सर्वसम्मति से बधाई प्रस्ताव पारित किया। गुरु नानक साहिब जी के प्रकाश उत्सव पर शुभकामनाएं दी गईं तथा पूर्व विधायकों और दिल्ली में हुई दुखद आग की घटनाओं के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई।

सत्र के दौरान तकनीक के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। दिल्ली विधानसभा में एआई आधारित भाषिणी लाइव ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद प्रणाली का पायलट आधार पर शुभारंभ किया गया। इससे सदन की कार्यवाही को अधिक सुगम, समावेशी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने में मदद मिलेगी।

अध्यक्ष ने कहा कि 19 कैग रिपोर्टों पर सदन में विस्तृत और समयबद्ध चर्चा हुई है। सभी रिपोर्टों को संबंधित सरकारी विभागों को एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) के लिए भेज दिया गया है। इस प्रक्रिया में लोक लेखा समिति (पीएसी) की सक्रिय भूमिका रहेगी और कैग के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि रिपोर्टों पर कार्रवाई समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए, ताकि प्रत्येक मामले का तार्किक निष्कर्ष निकले और सिफारिशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

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