नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की मासिक बैठक के दौरान गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्षदों ने पोस्टर और नारेबाजी के माध्यम से सरकार से ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर जवाब मांगा।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि यदि ई-20 पेट्रोल पर्यावरण के लिए लाभकारी है तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि देश में चल रहे सभी वाहन इसके अनुकूल हैं या नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों को नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज कम हो रही है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सदन में अंकुश नारंग ने दिल्ली में जलभराव के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि जलभराव पर चर्चा की मांग के बीच एजेंडा जल्दबाजी में पारित कर बैठक स्थगित कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से जुड़े अहम सवालों से बच रही है।
एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचती है। उन्होंने कहा कि ई-20 पेट्रोल, पेपर लीक और अन्य महत्वपूर्ण विषय उठते ही सदन की कार्यवाही प्रभावित कर दी जाती है। उनका दावा था कि ई-20 पेट्रोल के कारण कई लोगों की गाड़ियों की माइलेज प्रभावित हो रही है और वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ रहा है।
सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि ई-20 पेट्रोल को लेकर देशभर में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी 1 अगस्त को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आंदोलन करेगी और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
