एसआईआर फॉर्म के नाम पर साइबर ठगों से रहें सतर्क, किसी को न दें ओटीपी: एसपी दीपक सहारण

सिरसा, वायरल सच (ब्यूरो): सिरसा के पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने नागरिकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) फॉर्म के नाम पर लोगों से ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियां मांगकर ठगी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग अथवा कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश या एसएमएस के माध्यम से कभी भी ओटीपी, बैंकिंग विवरण या पासवर्ड नहीं मांगती।

गुरुवार को जारी एक एडवाइजरी में एसपी दीपक सहारण ने बताया कि भारत सरकार द्वारा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए साइबर अपराधी खुद को चुनाव आयोग, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ठग लोगों को यह कहकर डराते हैं कि निर्धारित समय में एसआईआर फॉर्म नहीं भरने पर उनका वोटर कार्ड रद्द हो सकता है। इसके बाद वे फॉर्म सत्यापन या पंजीकरण के बहाने ओटीपी, आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड विवरण तथा अन्य गोपनीय सूचनाएं मांगते हैं। ऐसी जानकारी साझा करने पर साइबर अपराधी बैंक खातों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच बना सकते हैं।

एसपी ने बताया कि कुछ मामलों में साइबर अपराधी एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर फर्जी मोबाइल एप डाउनलोड कराने का प्रयास भी करते हैं। ऐसे एप इंस्टॉल होते ही मोबाइल फोन का नियंत्रण अपराधियों के हाथ में जा सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ जाती है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केवल अधिकृत और सरकारी माध्यमों से ही एसआईआर फॉर्म प्राप्त करें और भरें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक मिलने पर तुरंत सतर्क रहें और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

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