फतेहाबाद, वायरल सच (ब्यूरो) : डिजिटल युग में जहां इंटरनेट ने जीवन को तेज और सरल बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने ठगी के नए-नए तरीकों को भी जन्म दिया है। ताजा मामला ‘पिग बुचरिंग स्कैम’ का है, जो न केवल तकनीकी रूप से अत्यंत परिष्कृत है, बल्कि यह लोगों की भावनाओं और मनोविज्ञान को निशाना बनाकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बुधवार को आमजन को इस साइबर फ्रॉड से सतर्क करते हुए बताया कि यह स्कैम मूलत: चीन और दक्षिण एशिया में शुरू हुआ था, लेकिन अब भारत में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।
अपराधी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और डेटिंग साइट्स के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें धीरे-धीरे अपने जाल में फँसाते हैं। इस घोटाले की शुरुआत आकर्षक प्रोफाइल और मीठी बातों से होती है। अपराधी व्हाटसएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर नकली पहचान बनाकर किसी व्यक्ति से दोस्ती या रिश्ते की शुरुआत करते हैं। धीरे-धीरे वे भावनात्मक या व्यावसायिक संबंध का रूप देते हैं और जब भरोसा जम जाता है, तो पीडि़त को क्रिप्टोकरेंसी, स्टॉक ट्रेडिंग या किसी हाई रिटर्न देने वाले प्लेटफॉर्म में निवेश के लिए प्रेरित किया जाता है।
शुरुआत में दिखावटी मुनाफा दिखाकर बार-बार अधिक निवेश के लिए उकसाया जाता है। जैसे ही पीडि़त मोटी रकम लगा देता है और पैसे निकालना चाहता है, उसे टैक्स, केवाईसी, फ्रीजिंग चार्ज जैसे बहानों में उलझा दिया जाता है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस तरह की साइबर ठगी का शिकार आमतौर पर वे लोग होते हैं जो आर्थिक रूप से शिक्षित तो होते हैं, लेकिन भावनात्मक रूप से असुरक्षित होते हैं। अकेलेपन से ग्रसित व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, जल्दी अमीर बनने की चाह रखने वाले युवा, मध्यम वर्गीय परिवार, जिनकी जीवनभर की बचत खतरे में पड़ सकती है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन संबंध बनाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।
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