गुरुग्राम की Bhondsi Jail पहुंचे भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल, मंत्री संजीव अरोड़ा से करेंगे मुलाकात
गुरुग्राम, वायरल सच (ब्यूरो): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुग्राम की भोंडसी जिला जेल पहुंचे। दोनों नेता जेल में बंद पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। मौजूदा राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रमों के बीच इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
करीब 2 बजे गुरुग्राम पहुंचे CM भगवंत मान
भगवंत मान दिल्ली के कपूरथला हाउस से अपने विशेष काफिले के साथ करीब 2 बजे गुरुग्राम पहुंचे। जेल प्रशासन की अनुमति के बाद वह संजीव अरोड़ा से मुलाकात करेंगे। अरविंद केजरीवाल भी उनके साथ भोंडसी जेल पहुंचे हैं।
तीन महीने पहले भी हुई थी मुलाकात
इससे पहले 23 मई 2026 को भी मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने भोंडसी जेल का दौरा किया था। उस दौरान दोनों नेताओं ने जेल के भीतर बंद कमरे में करीब 20 मिनट तक संजीव अरोड़ा से मुलाकात की थी।
उस समय दोनों नेताओं ने कानूनी लड़ाई में पार्टी की ओर से उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया था। करीब तीन महीने बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री मान की संजीव अरोड़ा से मुलाकात हो रही है। इस दौरान आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
मनी लॉन्ड्रिंग और GST बिलिंग धोखाधड़ी के आरोप
पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और करीब 100 करोड़ रुपये के फर्जी GST बिलिंग घोटाले से जुड़े आरोप हैं।
ED के आरोपों के मुताबिक, अरोड़ा ने फर्जी शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर अवैध वित्तीय लेनदेन किए और गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां खरीदीं।
गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया था। हालांकि उनके विभाग अन्य मंत्रियों को सौंप दिए गए हैं, लेकिन वह अभी भी भगवंत मान कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं।
कानूनी और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की संभावना
भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की संजीव अरोड़ा से मुलाकात के दौरान मामले की कानूनी प्रक्रिया और आगामी जमानत याचिकाओं को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
आम आदमी पार्टी शुरुआत से ही ED की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताती रही है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब में विपक्ष और उसके नेताओं को डराने के लिए कर रही है।




