नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): वृंदावन चंद्रोदय मंदिर की ओर से दि निकुंज प्रिंसेज हॉल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण लीला की प्रस्तुतियों, मनमोहक झांकियों और विशेष महाभिषेक ने पूरे आयोजन स्थल को भक्तिमय बना दिया। श्रीकृष्ण के जयघोषों से वातावरण गूंजता रहा और श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए।
विशेष अभिषेक से हुआ जन्माष्टमी समारोह का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत लड्डू गोपाल के विशेष अभिषेक से हुई। श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण को झूला झुलाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। विशेष महाभिषेक में पंचामृत, फलोदक, गंधोदक के साथ औषधियों और जड़ी-बूटियों से भगवान का अभिषेक किया गया।
इसके बाद भगवान को हल्दी का लेप लगाकर आरती की गई। 108 कलश शुद्धोदक अभिषेक के साथ नौ विशेष कलशों से अभिषेक किया गया और अंत में पुष्पाभिषेक हुआ। अभिषेक के बाद भगवान को नवीन पोशाक धारण कराई गई और महाभोग अर्पित किया गया।
भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण लीला ने बांधा समां
जन्माष्टमी समारोह में ध्रुव शर्मा-स्वर्णश्री की भजन मंडली ने श्रीकृष्ण लीला का गुणगान किया। गौड़ीय कीर्तन और महामंत्र कीर्तन से पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल बन गया। मंदिर के स्वयंसेवकों ने भी कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी।
भक्ति गीतों और श्रीकृष्ण के जयकारों के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
वीडियो के जरिए वृंदावन चंद्रोदय मंदिर की निर्माण प्रगति की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान वीडियो के माध्यम से श्रद्धालुओं को वृंदावन में निर्माणाधीन वृंदावन चंद्रोदय मंदिर के निर्माण कार्य की जानकारी दी गई।
भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित इस मंदिर का निर्माण वृंदावन में किया जा रहा है। प्रस्तावित 70 मंजिला मंदिर की ऊंचाई 210 मीटर होगी। मंदिर का पहला साउथ विंग बनकर तैयार हो चुका है और पहले ब्लॉक में राधा-कृष्ण की मूर्तियां स्थापित की जा चुकी हैं। मंदिर की कल्पना श्रील प्रभुपाद ने की थी।
सेक्टर-43 में बन रहा 108 फीट ऊंचा श्री हरे कृष्ण मंदिर
गुरुग्राम के सेक्टर-43 में श्री हरे कृष्ण मंदिर का भी निर्माण किया जा रहा है। यह मंदिर 108 फीट ऊंचा होगा और 50 हजार वर्ग गज क्षेत्र में इसका निर्माण किया जा रहा है।
हरे कृष्ण मूवमेंट गुरुग्राम द्वारा निर्मित यह मंदिर आध्यात्मिक केंद्र के साथ जरूरतमंदों के लिए अन्नपूर्णा का भंडार भी बनेगा। यहां प्रतिदिन हजारों लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
महामंत्र के जाप से जागृत होती है कृष्ण चेतना
इस अवसर पर मंदिर के अध्यक्ष पूज्य चंचलापति प्रभु ने श्रद्धालुओं को प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि हर घटना के पीछे भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि कृष्ण चेतना को जागृत रखने का प्रमुख उपाय हरे कृष्ण महामंत्र का जाप और कीर्तन है।
उन्होंने कहा कि महामंत्र के जाप से मनुष्य में दैवीय गुणों का विकास होता है।
अतिथियों का सम्मान, आरती के बाद निकली पालकी यात्रा
प्रवचन के बाद अतिथियों का सम्मान किया गया। इसके बाद भगवान की धूप, दीप, अर्घ्य, वस्त्र, पुष्प, चामर एवं विभिन्न व्यंजनों से आरती की गई।
कार्यक्रम के समापन पर भगवान की पालकी यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु नृत्य करते हुए यात्रा में शामिल हुए और भगवान पर पुष्पवर्षा की। भक्ति और उल्लास से भरे इस आयोजन ने जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे वातावरण को कृष्णमय कर दिया।

