चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत उच्चतर शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में 20 करोड़ रुपये के ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ को मंजूरी दी। इस पहल के तहत प्रदेश के 27 उच्च शिक्षा संस्थानों की 90 अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को केवल शिक्षा तक सीमित न रखकर अनुसंधान एवं नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि सभी परियोजनाएं कृषि, भूजल संरक्षण, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ग्रामीण विकास, औद्योगिक नवाचार और समावेशी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान का लाभ सीधे किसानों, उद्योगों और स्थानीय समुदायों तक पहुंचना चाहिए। जब अकादमिक शोध नई तकनीक, पेटेंट, स्टार्टअप और बेहतर सार्वजनिक सेवाओं में बदलेगा, तभी प्रदेश के लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार आएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ‘नीव’ पोर्टल की भी समीक्षा की। यह पोर्टल राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान, पेटेंट, प्लेसमेंट, स्टार्टअप और छात्रों के परिणामों की लाइव ट्रैकिंग करेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए सरकार कई नई पहल कर रही है। इसके तहत हर जिले में मॉडल संस्कृति कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जबकि आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए स्वायत्त एआई डिजिटल कॉलेज भी खोले जाएंगे।
इसके अलावा, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 50,000 रुपये तक के पेटेंट पंजीकरण शुल्क की प्रतिपूर्ति भी करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार ने अपना वादा निभाते हुए प्रदेश में 20 किलोमीटर की परिधि के भीतर छात्राओं के लिए कॉलेज स्थापित किए हैं, जिससे बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में अधिक सुविधा मिल रही है।