नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): Supreme Court ने Income Tax Act की Section 147A को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। यह मामला reassessment proceedings और faceless assessment व्यवस्था में Jurisdictional Assessing Officer यानी JAO की भूमिका से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने Section 147A को लेकर फैसला देते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
मामले का संबंध इस सवाल से है कि faceless assessment regime में reassessment से जुड़े मामलों में Jurisdictional Assessing Officer की powers किस तरह लागू होंगी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक
Supreme Court ने शुक्रवार को हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यह भी कहा कि विवाद से संबंधित assessment proceedings अंतिम निर्णय होने तक आगे नहीं बढ़ेंगी।
इससे Section 147A से जुड़े मामलों में फिलहाल कानूनी स्थिति सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई से प्रभावित होगी।
3 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
Supreme Court ने मामले को आगे सुनवाई के लिए 3 दिसंबर 2026 को सूचीबद्ध किया है।
तब तक मामले में Section 147A की वैधानिकता और reassessment व्यवस्था में संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
Taxpayers के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मामला
Income Tax reassessment मामलों में Section 147A की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि किसी taxpayer के पुराने tax assessment को दोबारा जांच के दायरे में लाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों की jurisdiction और notice जारी करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो जाती है।
इसी वजह से Supreme Court का अंतिम फैसला taxpayers, tax authorities और faceless assessment व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि फिलहाल अंतिम कानूनी निष्कर्ष सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

