सुकमा में नक्सलियों का आत्मसमर्पण: 1.18 करोड़ रुपये के 23 नक्सली आत्मसमर्पित

छत्तीसगढ़, वायरल सच (ब्यूरो) : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जो सुकमा में नक्सलियों का आत्मसमर्पण की एक बड़ी घटना मानी जा रही है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर 1.18 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी, और वे अब छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत मुख्यधारा में लौट आए हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का विवरण:
सुकमा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) किरण चव्हाण ने बताया कि शनिवार सुबह 9 महिलाएं और 14 पुरुषों सहित 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित नक्सलियों में 11 नक्सलियों पर 8 लाख रुपये, 4 पर 5 लाख रुपये, 1 पर 3 लाख रुपये, और 7 पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

किरण चव्हाण ने नक्सली संगठन के सक्रिय कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हों।

एसपी की विशेष अपील:
किरण चव्हाण ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, पुलिस द्वारा लगातार अति संवेदनशील इलाकों में कैंप लगाए जा रहे हैं, जिससे नक्सलियों में सुरक्षा का एहसास हो रहा है और वे नक्सल संगठन छोड़ रहे हैं।

गौरतलब है कि आत्मसमर्पित नक्सली शासन की पुनर्वास नीति के तहत अब 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के साथ अन्य सुविधाएं प्राप्त करेंगे।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की सूची और उनका ईनाम:

  1. लोकेश उर्फ पोड़ियाम भीमा
    पद: दक्षिण सब जोनल ब्यूरो सप्लाई टीम कमांडर/डीव्हीसीएम
    इनाम: 8 लाख रुपये
  2. रमेश उर्फ कलमू केसा (23 वर्ष)
    पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 1
    इनाम: 8 लाख रुपये
  3. कवासी मासा (35 वर्ष)
    पद: पीएलजीए बटालियन नं. 01
    इनाम: 8 लाख रुपये
  4. प्रवीण उर्फ संजीव उर्फ मड़कम हुंगा (23 वर्ष)
    पद: उत्तर/पश्चिम सब जोनल ब्यूरो स्टॉप टीम/पीपीसीएम
    इनाम: 8 लाख रुपये
  5. नुप्पो गंगी (28 वर्ष)
    पद: पीएलजीए बटालियन नं. 01
    इनाम: 8 लाख रुपये
  6. पुनेम देवे (30 वर्ष)
    पद: पीएलजीए बटालियन नं. 01, कम्पनी नं. 01, प्लाटून नम्बर 03, सेक्षन ‘‘बी’’ की पीपीसीएम
    इनाम: 8 लाख रुपये
  7. परस्की पाण्डे (22 वर्ष)
    पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 01 हेड क्वार्टर सप्लाई पार्टी सदस्य
    इनाम: 8 लाख रुपये
  8. माड़वी जोगा
    पद: पीएलजीए बटालियन हेड क्वार्टर पार्टी सदस्य/बीएनपीसी राजे उर्फ राजक्का का गार्ड
    इनाम: 8 लाख रुपये
  9. नुप्पो लच्छु उर्फ लक्ष्मण
    पद: पीएलजीए बटालियन हेड क्वार्टर/एसजेडसीएम सन्नु दादा का गार्ड
    इनाम: 8 लाख रुपये
  10. पोड़ियाम सुखराम
    पद: पीएलजीए बटालियन
    इनाम: 8 लाख रुपये
  11. दूधी भीमा (37 वर्ष)
    पद: प्लाटून नंबर 4 का डिप्टी कमाण्डर/पीपीसीएम
    इनाम: 8 लाख रुपये
  12. मुचाकी रनौती उर्फ हिड़मे (32 वर्ष)
    पद: पामेड़ एरिया टेलर टीम पार्टी कमाण्डर/एसीएम
    इनाम: 5 लाख रुपये
  13. कलमू दूला (50 वर्ष)
    पद: दक्षिण बस्तर डिवीजन कृषि टीम कमाण्डर/एसीएम
    इनाम: 5 लाख रुपये
  14. दूधी मंगली (30 वर्ष)
    पद: कोंटा एरिया कृषि शाखा अध्यक्ष/एसीएम
    इनाम: 5 लाख रुपये
  15. सिद्धार्थ उर्फ माड़वी (27 वर्ष)
    पद: कालाहाण्डी, कंदमल डिवीजन अंतर्गत पूर्वी ब्यूरो एलजीएस कमाण्डर/एसीएम
    इनाम: 5 लाख रुपये
  16. हेमला रामा
    पद: दक्षिण सब जोनल ब्यूरो टीडी टीम पार्टी सदस्य
    इनाम: 3 लाख रुपये
  17. सोड़ी हिड़मे (24 वर्ष)
    पद: पामेड़ एरिया मेडिकल टीम कमाण्डर/पार्टी सदस्य
    इनाम: 1 लाख रुपये
  18. कवासी जोगा
    पद: कांगेरघाटी एरिया कमेटी पार्टी सदस्य
    इनाम: 1 लाख रुपये
  19. रूपा उर्फ भीमे मड़कमी (24 वर्ष)
    पद: गुमासार एरिया कमेटी पार्टी सदस्य
    इनाम: 1 लाख रुपये
  20. गगन उर्फ करटम दुड़वा (22 वर्ष)
    पद: डीके जोन कम्युनिकेशन पार्टी सदस्य
    इनाम: 1 लाख रुपये
  21. कवासी हुंगी (23 वर्ष)
    पद: गोलापल्ली एलओएस पार्टी सदस्य
    इनाम: 1 लाख रुपये
  22. कारम भीमा (28 वर्ष)
    पद: पूर्वी बस्तर डिवीजन अंतर्गत आमदई एलओएस पार्टी सदस्य
    इनाम: 1 लाख रुपये
  23. मड़कम नंदे (26 वर्ष)
    पद: पूर्वी बस्तर डिवीजन अंतर्गत आमदई एलओएस पार्टी सदस्य
    इनाम: 1 लाख रुपये

आत्मसमर्पण का महत्व और सरकार की नीति
छत्तीसगढ़ की नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति – 2025 का उद्देश्य नक्सलवाद से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में लाना है। यह नीति नक्सलियों को एक मौका देती है कि वे अपने हिंसक जीवन को छोड़कर शांति की ओर बढ़ें और पुनर्वास की सुविधाओं का लाभ उठाएं।

आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को न केवल 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, बल्कि उन्हें शासन द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाएं और पुनर्वास कार्यक्रमों का भी लाभ मिलेगा।

नक्सलवाद से लड़ाई में पुलिस और सरकार की भूमिका
सुकमा में हुई इस घटना को देखकर यह साफ प्रतीत होता है कि पुलिस और सीआरपीएफ की मेहनत रंग ला रही है। सुरक्षा बलों द्वारा अति संवेदनशील क्षेत्रों में किए गए निरंतर प्रयासों और नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीति ने नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया।

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