सोनम के काले बैग का राज अब खुलेगा, प्रॉपटी डीलर गिरफ्तार

इंदौर, वायरल सच (ब्यूरो) : राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) से जुड़ा एक नया मोड़ सामने आया है। शिलांग पुलिस ने ठेकेदार लोकेंद्र तोमर को गिरफ्तार किया है, जो ग्वालियर का निवासी है। वह हीराबाग स्थित इमारत में सोनम नाम की महिला के साथ रुका हुआ था, जहाँ पुलिस को एक काले बैग से पांच लाख रुपये नकद और पिस्टल मिले थे। अब पुलिस इस काले बैग के राज को सुलझाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस ने पहले ब्रोकर सिलोम जेम्स और चौकीदार बलवीर अहिरवार को गिरफ्तार किया था। SIT के मुताबिक, सिलोम जेम्स ने हीराबाग कॉलोनी स्थित फ्लैट को लोकेंद्र से लीज पर लिया था। यहीं पर सोनम और राज ने कुछ समय तक रहकर अपनी अपराध की योजना बनाई थी।

सोनम का काले बैग और रहस्यमय घटनाएं


गाजीपुर जाने से पहले सोनम ने बैग और कपड़े फ्लैट में छुपा दिए थे, ताकि किसी को शक न हो। लोकेंद्र और सिलोम ने बैग को निकाला और उसे आग लगा दी। लेकिन एक बैग की तलाश अब भी जारी है जिसमें देशी पिस्टल और पांच लाख रुपये नकद रखे हुए थे।

सिलोम का दावा है कि सभी सामान लोकेंद्र ने निकाले थे। सिलोम के पास फ्लैट की चाबियां थीं, और उसने 10 जून को फ्लैट को खाली करवा दिया था। चौकीदार बलवीर से पोछा लगवाने के बाद, सिलोम का नाम सामने आते ही लोकेंद्र मोबाइल बंद कर फरार हो गया।

पुलिस की गिरफ्तारी और जांच की दिशा


एसआईटी ने लोकेंद्र की पत्नी के मोबाइल की जानकारी निकाली और पाया कि वह ग्वालियर के केके प्लाजा में छुपा था। क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की मदद से लोकेंद्र को सोमवार दोपहर हिरासत में लिया गया। एसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, लोकेंद्र को शिलांग पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, और मंगलवार को ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

लोकेंद्र का परिवार सागरतला निवासी था, और उसके पिता रिटायर फौजी थे। लोकेंद्र डेलटाप इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का प्रोजेक्ट डायरेक्टर था।

कैसे पकड़ा गया ठेकेदार?


लोकेंद्र ने बेहद चतुराई से सामान निकाला था। उसने दूसरी चाबी से रूम खोला और बैग की तलाशी ली। कीमती सामान निकालने के बाद उसने सिलोम को कॉल किया और कहा कि बैग अब हटा दो, वरना उसकी बिल्डिंग सील हो जाएगी। जब सिलोम ने आनाकानी की, तो लोकेंद्र ने उसे धमकी दी कि तीन लाख रुपये नहीं दिए जाएंगे।

सिलोम के मोबाइल में चैटिंग और कॉल रिकॉर्डिंग के सबूत मिले हैं, जिससे पुलिस को इस मामले में आगे की जानकारी मिली। इसके बाद सिलोम ने चौकीदार बलवीर के साथ मिलकर बैग को कार में रखा, और पत्नी के साथ सुनसान जगह पर लैपटॉप फेंकने के बाद बैग में आग लगा दी। पुलिस को जले हुए बैग के अवशेष मिले, लेकिन पिस्टल और नकद पैसे अब तक नहीं मिले हैं।

लोकेंद्र का कार शोरूम फुटेज डिलीट करवाने की कोशिश


लोकेंद्र ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए कार शोरूम के फुटेज डिलीट करवाने की कोशिश की थी, ताकि बैग पर उसके फिंगरप्रिंट न छपें। उसने सिलोम से कहा था कि बैग पर फिंगरप्रिंट आ गए हैं और उसे जला दो, वरना वे दोनों फंस जाएंगे।

अब पुलिस का अगला कदम दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करना होगा, ताकि काले बैग का रहस्य जल्द ही सुलझ सके। इस हत्याकांड से जुड़ी और भी जानकारियां सामने आ सकती हैं, क्योंकि यह मामला धीरे-धीरे और जटिल होता जा रहा है।

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