नई दिल्ली,
वायरल सच (ब्यूरो): दिल्ली उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में तीन महीने की कैद की सजा सुनाई है। यह फैसला जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने सुनाया। अदालत ने इस मामले में 2 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाशने का प्रयास किया, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इससे पहले 16 फरवरी को अदालत ने राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दी थी। वहीं, 5 फरवरी को उच्च न्यायालय ने राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें तत्काल सरेंडर करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद उन्होंने जेल में आत्मसमर्पण किया था।
यह मामला कड़कड़डूमा कोर्ट में दर्ज चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें राजपाल यादव को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका था। हालांकि जून 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने यह कहते हुए उनकी सजा पर रोक लगा दी थी कि वह आदतन अपराधी नहीं हैं।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में राजपाल यादव पर 1.60 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। वहीं उनकी पत्नी राधा यादव पर भी प्रति केस 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। दोनों को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में दोषी ठहराया गया था।
मामले के अनुसार, मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने अदालत को बताया कि वर्ष 2010 में फिल्म ‘अता पता लापता’ को पूरा करने के लिए राजपाल यादव ने कंपनी से आर्थिक सहायता मांगी थी। 30 मई 2010 को हुए समझौते के तहत कंपनी ने उनकी कंपनी को 5 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। समझौते के अनुसार ब्याज सहित लगभग 8 करोड़ रुपये लौटाने थे, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
बाद में दोनों पक्षों के बीच तीन बार समझौते का नवीनीकरण हुआ। अंतिम समझौते, जो 9 अगस्त 2012 को हुआ, में राजपाल यादव ने 11.10 करोड़ रुपये लौटाने पर सहमति जताई थी। बावजूद इसके उनकी कंपनी निर्धारित राशि का भुगतान नहीं कर सकी, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा और अंततः चेक बाउंस के मामलों में यह फैसला आया।