नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी टॉप लेवल से हो रही है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते या उन्हें पद से नहीं हटाया जाता, तब तक विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा।
Rahul Gandhi ने यह बात दिल्ली में आयोजित ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ जनसुनवाई के दौरान कही। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर विपक्ष एकजुट है और मताधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेगा।
चार बूथों से 416 नाम हटाने का दावा
Rahul Gandhi ने जनसुनवाई का उल्लेख करते हुए दावा किया कि चार मतदान केंद्रों की मतदाता सूची से 416 लोगों के नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से हटाए गए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर वर्गों के लोगों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। हालांकि, ये Rahul Gandhi और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इन दावों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
1 नवंबर को दिल्ली में विपक्ष का मार्च
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA Bloc ने कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में अनियमितताओं के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मार्च और बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई है। राहुल गांधी ने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों सहित विभिन्न वर्गों से इसमें शामिल होने की अपील की है।
कांग्रेस के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य मताधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाना है। दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में सभा के लिए अनुमति दी है, हालांकि कार्यक्रम के संचालन, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से संबंधित शर्तें लागू रहेंगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
Rahul Gandhi ने दोहराया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते या उन्हें पद से नहीं हटाया जाता। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विपक्ष की ओर से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की।
यह विवाद Special Intensive Revision (SIR) यानी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच सामने आया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। वहीं, मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं का रिकॉर्ड अपडेट करना और अपात्र या दोहरी प्रविष्टियों की पहचान करना है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इस मुद्दे पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जबकि चुनावी प्रक्रिया से संबंधित आरोपों और दावों का आकलन आधिकारिक रिकॉर्ड तथा संबंधित प्राधिकरणों के जवाब के आधार पर किया जाना जरूरी है।
1 नवंबर का दिल्ली मार्च इस राजनीतिक विवाद का अगला प्रमुख घटनाक्रम होगा। विपक्ष का कहना है कि वह मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा।
