नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ‘प्रगति’ (PRAGATI) नामक राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का उद्देश्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को कृषि-उद्यमी बनाकर 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय, उत्पादकता और आजीविका को मजबूत करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित कृषि और समृद्ध गांवों के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि लागत कम कर किसानों की आय बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।
उन्होंने कहा कि छोटे जोत वाले किसानों के लिए अब केवल पारंपरिक खेती पर्याप्त नहीं है। वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग, कृषि आधारित उद्यमिता, आधुनिक तकनीक, ड्रोन, डिजिटल सलाह और वैज्ञानिक खेती ही भविष्य की दिशा है।
किसानों को गांव स्तर पर मिलेंगी आधुनिक सेवाएं
‘प्रगति’ परियोजना के तहत प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी किसानों को गांव स्तर पर मिट्टी परीक्षण, कृषि मशीनरी सेवाएं, तकनीकी सलाह, बैंकिंग एवं वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव और वैकल्पिक आय के अवसर उपलब्ध कराएंगे।
इन राज्यों में होगी शुरुआत
इस राष्ट्रीय पहल को पहले चरण में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड सहित प्रमुख कृषि राज्यों में लागू किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘कृषि सखी’ और महिला कृषि-उद्यमी इस परिवर्तन की महत्वपूर्ण कड़ी बनेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि एक प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी पूरे गांव की तस्वीर बदल सकता है।
उन्होंने कहा कि “‘प्रगति’ केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, रोजगारयुक्त और समृद्ध बनाने का संकल्प है।”
निजी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का सहयोग
इस परियोजना को भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र आधारित कृषि-उद्यमिता कार्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। इसमें PepsiCo Foundation, SBI Foundation, Gates Foundation, Environmental Defense Fund, Global Agri Entrepreneurship Academy, Sustainable Agriculture Foundations International Association, Agri Entrepreneur Growth Foundation (AEGF) और Transform Rural India Foundation सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं साझेदार हैं।
ये संस्थाएं प्रशिक्षण, वित्तीय एवं डिजिटल समावेशन, तकनीकी सहायता, बाजार संपर्क और जलवायु-सहनशील कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करेंगी।
पूर्व अनुभवों पर आधारित पहल
‘प्रगति’ कार्यक्रम एग्री-एंटरप्रेन्योर ग्रोथ फाउंडेशन (AEGF) द्वारा 14 राज्यों में संचालित पूर्व कृषि-उद्यमिता कार्यक्रमों के अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है। सरकार का उद्देश्य इस मॉडल के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है।