नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): PM Modi ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संस्कृत का एक प्रेरणादायक सुभाषित साझा किया। इसके माध्यम से उन्होंने परोपकार और लोक कल्याण के महत्व को रेखांकित किया।
PM Modi ने साझा किया संस्कृत श्लोक
PM Modi ने एक्स पर लिखा:
“स्वाधीनैव समृद्धिर्जनोपजीव्यत्वमुच्छ्रयश्छाया।
सत्पुंसो मरुभूरिख जीवनमात्रं समाशास्यम्॥”
इस सुभाषित का भावार्थ है कि स्वाधीन समृद्धि ही वास्तविक वैभव है और दूसरों का आश्रय एवं आधार बनना ही सच्ची महानता है।
परोपकार और लोक कल्याण का संदेश
सुभाषित में कहा गया है कि जैसे मरुभूमि में छाया और जीवन दुर्लभ वरदान होते हैं, उसी प्रकार श्रेष्ठ व्यक्ति का जीवन दूसरों के हित, परोपकार और लोक कल्याण के लिए होना चाहिए।
PM Modi द्वारा साझा किए गए इस संदेश में मानवीय सेवा, दूसरों के लिए उपयोगी बनने और समाज के कल्याण की भावना को प्रमुखता दी गई है।
‘सुभाषितरत्नभाण्डागारम्’ में संकलित है श्लोक
यह श्लोक संस्कृत के प्रसिद्ध नीति-संग्रह ग्रंथ ‘सुभाषितरत्नभाण्डागारम्’ में संकलित एक पारंपरिक मुक्तक सुभाषित बताया जाता है। सुभाषितों के माध्यम से जीवन, नीति, आचरण और समाज से जुड़े मूल्यों को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।

