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Power to Empower India: वैश्विक संकट के बीच भारत के विजन पर बोले PM Modi

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PM Modi

नई दिल्ली, वायरल सच (ब्यूरो): PM Modi ने मंगलवार को Bloomberg New Economy Forum 2026 में भारत के इसी दृष्टिकोण को सामने रखते हुए कहा कि भारत वैश्विक भलाई और भरोसे का पर्याय बन रहा है। उन्होंने डिजिटल समावेशन, लोकतांत्रिक विमर्श, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भारत की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण आधार बताया। दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक अनिश्चितता, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला और तकनीक को लेकर चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे दौर में भारत अपनी विकास नीति के केंद्र में ‘Power to Empower’ यानी शक्ति के माध्यम से दूसरों को सशक्त बनाने की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।

PM Modi ने कहा कि जिन व्यवस्थाओं और संसाधनों ने दुनिया को एक-दूसरे से जोड़ा था, उनका इस्तेमाल अब कई बार दबाव बनाने और प्रभुत्व स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। आपूर्ति शृंखला, ऊर्जा, खनिज और तकनीक जैसे क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा के केंद्र में आ गए हैं। ऐसे माहौल में भारत का प्रयास सहयोग, विश्वास और साझा विकास की दिशा में आगे बढ़ना है।

Bloomberg New Economy Forum 2026 में भारत के विकास मॉडल पर जोर

Bloomberg New Economy Forum 2026 में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा के महत्व को रेखांकित किया। PM Modi इस आयोजन के पहली बार भारत में होने पर ब्लूमबर्ग और उसकी टीम को बधाई दी।

PM Modi ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देशों के सामने केवल आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं है, बल्कि भरोसे को बनाए रखना और विकास के लाभ को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है। भारत इसी सोच के साथ अपनी नीतियों और पहलों को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने ‘Power to Empower’ की अवधारणा को भारत की परंपरा और कार्य संस्कृति से जोड़ते हुए कहा कि डेटा, ज्ञान और नवाचार आज शक्ति के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। लेकिन इनकी वास्तविक उपयोगिता इस बात से तय होती है कि इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाता है। यदि तकनीक और ज्ञान का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है, तो वे लोगों को अवसर देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन सकते हैं।

वैश्विक चुनौतियों के बीच सहयोग की पहल

PM Modi ने कहा कि भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय पहलों के जरिए वैश्विक समस्याओं के समाधान और साझा विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। इनमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन, बिग कैट एलायंस, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा और मिशन लाइफ जैसी पहलें शामिल हैं।

इन पहलों का उद्देश्य ऊर्जा, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन और आर्थिक संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। PM Modi के संबोधन का प्रमुख संदेश यह रहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल प्रतिस्पर्धा से नहीं, बल्कि साझा प्रयासों और भरोसे पर आधारित सहयोग से भी संभव है।

ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता आज अनेक देशों की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसी तरह तकनीक और आपूर्ति शृंखला में बदलाव का असर उद्योगों, व्यापार और आम लोगों पर पड़ता है। भारत इन परिस्थितियों में अपनी विकास क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को भी महत्वपूर्ण मानता है।

डिजिटल तकनीक से लोकतांत्रिक विमर्श को बढ़ावा

PM Modi ने भारत की लोकतांत्रिक विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 100 से अधिक भाषाएं, 80 हजार से अधिक समाचार पत्र और प्रकाशन तथा एक हजार से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं। उन्होंने डिजिटल मंचों पर भारतीयों की बड़ी भागीदारी का भी जिक्र किया।

उनके अनुसार, डिजिटल माध्यमों ने विचारों के आदान-प्रदान और सार्वजनिक विमर्श को नया विस्तार दिया है। सोशल मीडिया तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में लोग अपने विचार रखते हैं और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा में भाग लेते हैं।

भारत जैसे विविधता वाले देश में तकनीक की भूमिका केवल सूचना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। डिजिटल माध्यमों ने लोगों के संवाद, जानकारी तक पहुंच और सार्वजनिक भागीदारी के तरीकों को भी प्रभावित किया है। PM Modi ने इस संदर्भ में डिजिटल तकनीक को लोकतांत्रिक विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

डिजिटल भुगतान बना समावेशन का उदाहरण

PM Modi ने विदेशी मेहमानों से भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र को आजमाने का आग्रह किया। उन्होंने इसे तकनीक के समावेशन की क्षमता का उदाहरण बताया। भारत का डिजिटल भुगतान ढांचा छोटे कारोबारियों से लेकर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक विभिन्न स्तरों पर लेनदेन को आसान बनाने में भूमिका निभाता है।

PM Modi ने सड़क किनारे ठेला लगाने वाले व्यक्ति और महंगे शोरूम चलाने वाले कारोबारी का उदाहरण देते हुए समझाया कि डिजिटल भुगतान दोनों को एक साझा व्यवस्था से जोड़ सकता है। इससे छोटे व्यापारियों को भी डिजिटल अर्थव्यवस्था में भागीदारी का अवसर मिलता है।

‘Power to Empower’ की अवधारणा इसी तरह तकनीक को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ती है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित व्यवस्थाओं का उद्देश्य केवल तकनीकी क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि नागरिकों और कारोबारियों तक उसका व्यावहारिक लाभ पहुंचाना भी है।

भारत में स्टार्टअप और नवाचार के बढ़ते अवसर

PM Modi ने भारत के स्टार्टअप क्षेत्र में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में स्टार्टअप की संख्या सीमित थी, जबकि अब यह संख्या ढाई लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाओं के सामने नए अवसर खुल रहे हैं और नवाचार के लिए संभावनाएं बढ़ रही हैं।

स्टार्टअप क्षेत्र रोजगार, नई तकनीक, उत्पाद विकास और सेवाओं के नए मॉडल तैयार करने में भूमिका निभाता है। डिजिटल ढांचे और उद्यमिता के बढ़ते अवसरों के कारण नए कारोबारी विचारों को आगे बढ़ाने के रास्ते खुले हैं। इस विकास यात्रा में तकनीक, कौशल और निवेश की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।

PM Modi के संबोधन में नवाचार को केवल आर्थिक गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि देश की क्षमताओं को व्यापक स्तर पर उपयोग में लाने के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। इससे ‘Power to Empower’ के विचार को भी बल मिलता है, जिसमें ज्ञान और तकनीक का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर है।

700 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार और मजबूत बैंकिंग तंत्र

PM Modi ने भारत के आर्थिक आधार का उल्लेख करते हुए बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने बैंकिंग तंत्र को मजबूत बताते हुए कहा कि भारत में सुधारों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

PM Modi के अनुसार, भारत में सुधार केवल बाहरी दबाव के कारण नहीं किए जा रहे, बल्कि उन्हें दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आर्थिक सुधारों, डिजिटल ढांचे, नवाचार और वैश्विक सहयोग को उन्होंने देश की विकास यात्रा के महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में रेखांकित किया।

विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी आर्थिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। वहीं, बैंकिंग व्यवस्था की मजबूती कारोबार, निवेश और वित्तीय सेवाओं के संचालन के लिए अहम है। इन पहलुओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक क्षमता और सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता को सामने रखा।

भारत का संदेश: विकास के साथ सशक्तीकरण

Bloomberg New Economy Forum 2026 में PM Modi का संबोधन भारत के उस दृष्टिकोण पर केंद्रित रहा, जिसमें आर्थिक प्रगति, तकनीक, लोकतांत्रिक भागीदारी और वैश्विक सहयोग को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ माना गया है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने अंतरराष्ट्रीय पहलों, डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप और आर्थिक सुधारों को अपनी विकास रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शक्ति का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका इस्तेमाल दूसरों को अवसर देने और सशक्त बनाने के लिए किया जाए।

भारत का ‘Power to Empower’ विजन इसी सोच को रेखांकित करता है। इसका व्यापक उद्देश्य तकनीक, ज्ञान, नवाचार और आर्थिक क्षमता को समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहयोग की भूमिका को मजबूत करना है। PM Modi के संबोधन में भारत को ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो अपने विकास के साथ-साथ साझा वैश्विक हितों को भी महत्व देता है।

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