नई दिल्ली/टोक्यो, वायरल सच (ब्यूरो): जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची 1 जुलाई से भारत के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आ रही हैं। अपने दौरे के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में संबंधों को और मजबूत करना है।
जापान सरकार के अनुसार, दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास, निवेश, तकनीकी सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी को नई दिशा देने पर विशेष जोर रहेगा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि नई दिल्ली में दोनों देश आर्थिक सुरक्षा पर संयुक्त घोषणापत्र जारी कर सकते हैं, जिसमें आर्थिक दबाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण सामने आ सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत और जापान के बीच सेमीकंडक्टर, रेयर अर्थ मिनरल्स, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT), स्वच्छ ऊर्जा तथा मेडिकल उपकरण एवं स्वास्थ्य क्षेत्र सहित पांच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति बनने की संभावना है। इन क्षेत्रों में साझेदारी दोनों देशों की आर्थिक और तकनीकी क्षमता को नई मजबूती प्रदान कर सकती है।
प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह सनाए ताकाइची का पहला भारत दौरा होगा। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने कहा कि टोक्यो का लक्ष्य आर्थिक सुरक्षा, नवाचार और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर भारत के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
जापान सरकार ने यह भी दोहराया कि मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक (Free and Open Indo-Pacific) की परिकल्पना को साकार करने के लिए भारत-जापान साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक आर्थिक संतुलन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्वी एशिया में जापान और चीन के बीच तनाव बना हुआ है। वहीं, भारत भी चीन के साथ सीमा विवाद और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच संतुलित कूटनीतिक रणनीति अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे परिदृश्य में प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का भारत दौरा दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।