चंडीगढ़, वायरल सच (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा आज देश का स्पोर्ट्स पावर हाउस बन चुका है। प्रदेश की आबादी देश की कुल आबादी का केवल दो प्रतिशत होने के बावजूद ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी सबसे अधिक पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्पोर्ट्स फिटनेस एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्सपो को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि युवा शक्ति, संकल्प और सपनों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि फिटनेस अब केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि विकसित भारत की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। हरियाणा का खेल मॉडल आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रहा है।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा सरकार ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 6 करोड़ रुपये तक का नकद पुरस्कार प्रदान कर रही है। पिछले 12 वर्षों में 17,182 खिलाड़ियों के खातों में 730 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जा रही है, ताकि युवा प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही प्रोत्साहन मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप ए, बी और सी श्रेणी में सीधी सरकारी नौकरी प्रदान की है। खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पिछले 12 वर्षों में करीब 1,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। प्रदेशभर में लगभग 2,000 खेल नर्सरियां और 25 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहां खिलाड़ियों को प्रतिदिन 500 रुपये का डाइट भत्ता भी दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पंचकूला में 10 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर भारत का पहला अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और खेल विज्ञान की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक खेल अवसंरचना और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर प्रदेश को खेलों में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखना है।
